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जनता की समस्याओं पर जिलाधिकारी सख्त, भूमि विवादों और अतिक्रमण पर त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश

देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन व जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कुल 118 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश मामले भूमि विवाद, अतिक्रमण और सीमांकन से जुड़े रहे।

जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायतों का निस्तारण करें। उन्होंने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर भूमि को कब्जामुक्त करने की सख्त हिदायत दी।

प्रमुख मामले:

चंदर रोड निवासी बिना शर्मा ने बताया कि वर्ष 1940 से उनके स्वामित्व वाली पांच बीघा भूमि पर नगर निगम ने अतिक्रमण बताकर निर्माण ढहा दिया और तारबाड़ कर दी। जिलाधिकारी ने नगर निगम अधिकारियों को 18 जून तक मामला निपटाने और हुए नुकसान की भरपाई करने के निर्देश दिए।

शास्त्रीनगर तपोवन निवासी पुलमा देवी ने बताया कि वर्ष 2007 में उन्होंने ऋषिकेश में भूमि क्रय की थी, जो बाद में अन्य को भी बेच दी गई। जिलाधिकारी ने एसडीएम ऋषिकेश की अध्यक्षता में समिति गठित कर जांच के बाद रिपोर्ट एसआईटी लैण्ड फ्रॉड को भेजने के निर्देश दिए।

विकासनगर के जनक सिंह ने शिकायत की कि बैंक ऋण चुकाने के बाद भी नो ड्यूज सर्टिफिकेट नहीं दिया गया। जिलाधिकारी ने एआर कॉपरेटिव को तलब कर एक सप्ताह में सर्टिफिकेट जारी करने के निर्देश दिए।

दून मार्डन हाईस्कूल की शिक्षिका आशा जखमोला को 22 वर्ष की सेवा के बाद षड्यंत्रपूर्वक निकाले जाने की शिकायत पर डीएम ने जिला शिक्षा अधिकारी और एडीएम वित्त-राजस्व को जांच के निर्देश दिए।

महिपाल कृषाली ने फर्जी स्थायी प्रमाणपत्रों की जांच कर नर्सिंग भर्ती में योग्य अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की। जिलाधिकारी ने जांच कर एक्शन टेकन रिपोर्ट देने व प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। बंजारावाला निवासियों ने शिकायत की कि नाले में मलबे के ऊपर ही पुश्ता बना दिया गया। जिलाधिकारी ने एक्सईएन सिंचाई विभाग को कार्रवाई कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

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