बीएससी नर्सिंग, एएनएम, जीएनएम व अन्य पाठ्यक्रमों की परीक्षा आज व कल
सीसीटीवी निगरानी, हेल्प डेस्क, चिकित्सा सुविधा और पारदर्शिता पर विशेष जोर
परीक्षा संचालन में कॉलेज प्रशासन ने की चाक-चौबंद व्यवस्था.
श्रीनगर गढ़वाल: राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा का आज से शुभारंभ हो गया। यह परीक्षा शनिवार और रविवार को दो दिन तक चलेगी, जिसमें बीएससी नर्सिंग, एएनएम, जीएनएम तथा अन्य पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक हजार से अधिक परीक्षार्थी भाग ले रहे हैं। क्षेत्र में इस परीक्षा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है, जिससे शैक्षणिक माहौल भी सकारात्मक रूप से प्रभावित हो रहा है।
सुव्यवस्थित और नकलविहीन परीक्षा प्रणाली:
परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कॉलेज प्रशासन ने अत्यंत सख्त और पारदर्शी व्यवस्था लागू की है। सभी परीक्षा कक्षों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, ताकि हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। इसके अलावा, छात्रों की सुविधा के लिए स्वच्छता, पेयजल, पर्याप्त रोशनी, पंखे और आरामदायक बैठने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
प्रशासनिक तैयारियां और नेतृत्व:
परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी कॉलेज के प्राचार्य एवं परीक्षा केंद्र अध्यक्ष डॉ. आशुतोष सयाना के नेतृत्व में की जा रही है। उन्होंने बताया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर कर्मचारी को पूर्वनिर्धारित दिशा-निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी स्तर पर कोई त्रुटि न हो।
छात्रों की सुविधा का विशेष ध्यान:
सहायक परीक्षा केंद्र प्रभारी डॉ. विनिता रावत और डॉ. सुरेंद्र सिंह नेगी ने जानकारी दी कि परीक्षार्थियों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। केंद्र पर हेल्प डेस्क, मार्गदर्शन कक्ष और प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
छात्रों और अभिभावकों में उत्साह:
परीक्षा को लेकर छात्रों में खासा जोश देखा जा रहा है। विद्यार्थी निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंच रहे हैं। वहीं, उनके साथ आए अभिभावक परीक्षा केंद्र के बाहर उम्मीदों और विश्वास के साथ प्रतीक्षा कर रहे हैं। प्रशासन की चुस्त व्यवस्था से वे भी संतुष्ट नजर आए।
उभरते शहर में उच्च शिक्षा की ओर कदम:
श्रीनगर जैसे उभरते शैक्षणिक शहर में इस प्रकार की संगठित और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था न केवल छात्रों को प्रेरणा देती है, बल्कि उच्च शिक्षा की मजबूत बुनियाद की ओर भी संकेत करती है। यह प्रवेश परीक्षा न सिर्फ छात्रों के करियर की दिशा तय करेगी, बल्कि कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली और प्रतिबद्धता का भी परिचय बन रही है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर की यह पहल निस्संदेह आने वाले वर्षों में उत्तराखंड में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।
