तीन महीने की जांच और नोटिस के बाद कार्रवाई, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तीन संरचनाएं ध्वस्त
रुद्रपुर: रुद्रपुर जिले में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए गूलरभोज-दिनेशपुर क्षेत्र में अवैध रूप से बने धार्मिक ढांचों को हटवा दिया। सुबह के समय भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच यह कार्रवाई शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए हलचल जरूर रही, लेकिन किसी तरह की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिन संरचनाओं को हटाया गया वे सिंचाई विभाग की भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति के निर्मित थीं। करीब तीन महीने पहले पूरे क्षेत्र का सर्वे कराया गया था, जिसमें इन अवैध निर्माणों की पहचान हुई। इसके बाद संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर स्वामित्व और निर्माण से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन तय समय सीमा के भीतर कोई वैध प्रमाण नहीं दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, ठंडा नाला क्षेत्र में भी कई अतिक्रमण के मामले सामने आए थे। कुछ लोगों ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय और बाद में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां कुछ मामलों में स्थगन आदेश भी मिला। हालांकि, जिन धार्मिक ढांचों को हटाया गया, उन पर कोई रोक नहीं थी, जिससे प्रशासन को कार्रवाई करने में कोई बाधा नहीं आई।
जिला मजिस्ट्रेट नितिन भदौरिया ने बताया कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी के तहत यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी अवैध कब्जे पाए जाएंगे, वहां बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई जारी रहेगी।
अपर जिला मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय के अनुसार, कुल तीन अवैध धार्मिक संरचनाओं को हटाकर जमीन को खाली कराया गया है। उन्होंने कहा कि न तो इन निर्माणों के लिए प्रशासनिक अनुमति ली गई थी और न ही कब्जाधारियों के पास वैध दस्तावेज थे।
प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई है। मौके पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही।
