एसएससी परीक्षा से पहले नकल गिरोह धरा गया, डिजिटल लाइब्रेरी की आड़ में चल रहा था हाईटेक ठगी रैकेट, गैंग लीडर समेत 9 शातिर गिरफ्तार
हल्द्वानी: प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले नकल गैंग का पर्दाफाश हल्द्वानी पुलिस ने किया है। इस हाईटेक गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल, वाई-फाई डोंगल सहित तकनीकी उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
यह कार्रवाई नैनीताल एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा के निर्देशन में की गई। गैंग लीडर सुनील कुमार और परविंदर कुमार समेत यूपी, हरियाणा और उत्तराखंड के कई राज्यों के आरोपी शामिल हैं। यह गिरोह प्रतियोगी परीक्षाओं में लाखों रुपये लेकर ऑनलाइन नकल कराने का नेटवर्क चला रहा था।
टीम का गठन सीओ नितिन लोहनी और कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार यादव के नेतृत्व में किया गया था। रामपुर रोड स्थित टीपी नगर के एक होटल में दबिश देकर पुलिस ने सभी आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा।
जांच में पता चला कि आरोपी “डिजिटल लाइब्रेरी” के नाम पर दिसंबर 2024 से एक अवैध सेंटर चला रहे थे, जिसे देहरादून निवासी दीपक कन्नौजिया से लीज पर लिया गया था। आरोपी एनीडेस्क और रिमोट सॉफ्टवेयर के जरिए परीक्षार्थियों को नकल कराते थे और इस काम के लिए एक अभ्यर्थी से 4 लाख रुपये तक वसूलते थे।
गिरोह की योजना 6 अगस्त से शुरू होने वाली SSC परीक्षा में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को पास कराने की थी। कई गिरफ्तार आरोपियों पर पहले भी मुजफ्फरनगर और मेरठ में धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले दर्ज हैं।
