33 साल बाद मिला पहला राष्ट्रीय पुरस्कार, ‘जवान’ के लिए विक्रांत मैसी के साथ साझा किया सम्मान.
हैदराबाद: बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान ने आखिरकार वो मुकाम हासिल कर लिया, जिसकी कमी उनके शानदार करियर में अब तक महसूस होती थी। 33 सालों के लंबे फिल्मी सफर के बाद शाहरुख को फिल्म ‘जवान’ के लिए बेस्ट एक्टर का 71वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला है। यह पुरस्कार उन्होंने ‘12वीं फेल’ के अभिनेता विक्रांत मैसी के साथ साझा किया।
इस सम्मान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में बधाइयों की बाढ़ आ गई है। खासकर कांग्रेस सांसद और शब्दों के जादूगर शशि थरूर ने शाहरुख को “राष्ट्रीय खजाने को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने” की बधाई दी। इस पर शाहरुख का जवाब न सिर्फ विनम्र था, बल्कि उनकी अंग्रेज़ी पकड़ ने सभी को चौंका दिया।
शाहरुख ने थरूर के पोस्ट पर जवाब देते हुए लिखा—
“मिस्टर थरूर, इस सरल तारीफ के लिए धन्यवाद। इससे ज़्यादा भव्य (magniloquent) और सारगर्भित (sesquipedalian) बात समझ में नहीं आती… हा हा!”
उनके इस मजेदार और अंग्रेज़ी से भरपूर जवाब ने फैंस का दिल जीत लिया। अब सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं, “शाहरुख ने शशि थरूर को अंग्रेज़ी में टक्कर दे दी!”
गौरतलब है कि शाहरुख खान का शैक्षणिक सफर भी काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक किया और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया से मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की। फिल्मी दुनिया के तीनों खान में शाहरुख को सबसे पढ़ा-लिखा माना जाता है।
अब जबकि शाहरुख को पहला नेशनल अवॉर्ड मिला है, तो फैंस और आलोचकों का मानना है कि यह सम्मान बहुत पहले ही मिल जाना चाहिए था। लेकिन जैसा कि खुद किंग खान कहते हैं— “देर आए, दुरुस्त आए!”
