विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री ने भारतीय सेना की वीरता को किया नमन, पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों और विपक्ष के रवैये पर उठाए गंभीर सवाल.
नई दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को विधानसभा के मानसून सत्र में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ को लेकर भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य को नमन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को निर्णायक और संवेदनशील बताते हुए कहा कि इन सैन्य अभियानों ने न सिर्फ देश की सीमाओं की रक्षा की, बल्कि प्रत्येक भारतीय परिवार के स्वाभिमान को भी सशक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर उन सभी आंसुओं का जवाब था जो हमारी बहनों की आंखों से निकले। प्रधानमंत्री मोदी एक संवेदनशील भाई, साहसी पिता और सच्चे राष्ट्रनायक की भूमिका में हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि ये अभियान केवल रणनीतिक नहीं, बल्कि मानवीय और भावनात्मक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं।
विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि कुछ नेता मंच पर संवेदनाएं व्यक्त करते हैं लेकिन संसद में वही लोग सेना की नीयत और सरकार की नीति पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने बिना नाम लिए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “जिन्हें अपने देश की सेना और प्रधानमंत्री पर भरोसा नहीं, वे विदेशियों के आगे सिर झुकाते हैं। यह राजनीतिक अवसरवाद है, देशभक्ति नहीं।”
समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन पर सीधा कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जो लोग वर्षों तक फिल्मी रोल और ग्लैमर की दुनिया में खोए रहे, वे आज भारतीय सेना के रोल पर सवाल उठा रहे हैं। क्या उनके लिए देश की बेटियों की इज्जत से बड़ा कोई मंच हो सकता है?”
मुख्यमंत्री ने भाषण के दौरान 1965 और 1971 के युद्ध, कारगिल संघर्ष और कश्मीरी पंडितों के पलायन जैसे मुद्दों को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य पूर्ववर्ती सरकारें निर्णय लेने से डरती रहीं, और जब भी भारत ने युद्ध में जीत हासिल की, उन नेताओं ने उसे बातचीत की टेबल पर हार में बदल दिया।
उन्होंने कहा कि आज भारत निर्णायक नेतृत्व में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। “हम दुनिया को बता रहे हैं कि भारत अब सिर्फ सुनने वाला नहीं, निर्णय लेने वाला राष्ट्र है। ऐसे समय में विपक्ष की भूमिका देश को कमजोर करने वाली है।”
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे सेना और सरकार पर विश्वास बनाए रखें, क्योंकि भारत अब बदल रहा है – आत्मनिर्भर, शक्तिशाली और अपने गौरव को पुनः स्थापित करने को तत्पर। विधानसभा में उनका यह भाषण तालियों की गूंज और समर्थन के नारों के बीच समाप्त हुआ।
