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केके मेनन का बयान, ‘वोट चोरी’ अभियान में मेरा वीडियो इस्तेमाल करना गलत, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

“‘वोट चोरी’ अभियान में केके मेनन का वीडियो इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर मचा बवाल, अभिनेता ने खोला सच—कांग्रेस द्वारा शेयर की गई क्लिप निकली ‘स्पेशल ऑप्स’ का प्रोमो, बिना अनुमति एडिट करने पर जताई नाराज़गी”

Kay Kay Menon On Vote Chori Campaign Video: देश में इस समय ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर राजनीति गर्म है। विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग के एसआईआर (Special Revision of Electoral Rolls) अभियान का विरोध कर रहे हैं और इसे मतदाताओं को वंचित करने की साजिश बता रहे हैं। इसी बीच अभिनेता केके मेनन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसे कांग्रेस पार्टी ने अपने ‘वोट चोरी’ अभियान से जोड़ा। अब खुद अभिनेता ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सच्चाई सामने रखी है। 

कांग्रेस ने साझा किया वायरल वीडियो

कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसकी शुरुआत में केके मेनन अपने वेब सीरीज़ ‘स्पेशल ऑप्स’ के किरदार हिम्मत सिंह के रूप में दिखाई देते हैं। वीडियो में वह कहते हैं—

> “रुको रुको यार। स्क्रॉल करना बंद करो। अगर आप यह रील देख रहे हैं तो इसका मतलब क्या है।”
इसके बाद वीडियो में एक अन्य व्यक्ति लोगों से कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ अभियान में शामिल होने और अपनी आवाज़ उठाने की अपील करता है। वीडियो के कैप्शन में लिखा था— “हिम्मत सिंह कुछ कह रहे हैं, जल्दी से कर आओ। कैंपेन से जुड़ने के लिए।”

केके मेनन का स्पष्टीकरण

वायरल वीडियो पर अभिनेता केके मेनन ने सोशल मीडिया पर कमेंट करते हुए स्पष्ट किया कि यह क्लिप वास्तव में उनके शो ‘स्पेशल ऑप्स’ के प्रमोशनल वीडियो का हिस्सा है। उन्होंने कहा—

> “कृपया ध्यान दें कि मैंने इस विज्ञापन में अभिनय नहीं किया है। मेरे ‘स्पेशल ऑप्स’ प्रमोशन के एक क्लिप को बिना अनुमति के एडिट करके इस्तेमाल किया गया है।”
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके वीडियो को राजनीतिक अभियान में जोड़ना गलत है और उन्होंने इसकी अनुमति कभी नहीं दी।

‘वोट चोरी’ अभियान की पृष्ठभूमि

इन दिनों विपक्ष संसद के दोनों सदनों में एसआईआर के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ करने और मतदाताओं को हटाने के लिए की जा रही है, खासकर बिहार विधानसभा चुनाव से पहले।
कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया और ज़मीनी स्तर पर ‘वोट चोरी’ अभियान शुरू किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है और देश के हर मतदाता को इस बारे में जागरूक रहना चाहिए।

सोशल मीडिया पर बहस

केके मेनन के बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कई यूज़र्स ने कांग्रेस पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि बिना अनुमति किसी की प्रोमो क्लिप को राजनीतिक मकसद से इस्तेमाल करना गलत है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि बड़े मुद्दे पर ध्यान देने की ज़रूरत है, न कि वीडियो के स्रोत पर।
हालांकि, इस विवाद के बाद कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी गई है कि यह वीडियो कैसे और किसके निर्देश पर एडिट किया गया।

यह घटना बताती है कि सोशल मीडिया अभियानों में सामग्री के स्रोत और अनुमति को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। चाहे मुद्दा कितना भी गंभीर क्यों न हो, किसी भी व्यक्ति की निजी या पेशेवर सामग्री का गलत संदर्भ में इस्तेमाल कानूनी और नैतिक दोनों दृष्टियों से सवाल खड़ा करता है।

 

 

 

 

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