देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले शातिर बाप-बेटे को झारखंड के रांची से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान अजय कुमार सिन्हा और उसके बेटे सौरभ शेखर के रूप में हुई है। दोनों को देहरादून लाकर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। आरोपियों पर आरोप है कि वे खुद को टेलीकॉम विभाग, ईडी और सीबीआई का अधिकारी बताकर लोगों को डराते और उनसे ठगी करते थे।
कैसे देते थे वारदात को अंजाम
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक आरोपी मोबाइल नंबर बंद करने और जांच के नाम पर पीड़ितों को कॉल करते थे। खुद को केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर वे पीड़ितों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर देते थे। इस दौरान आरोपियों की ओर से पीड़ित से कहा जाता था कि उसके खिलाफ केस कोर्ट में लंबित है और उसकी ऑनलाइन सुनवाई होगी। इसके लिए उन्हें व्हाट्सएप पर गाइडलाइन और प्रोटोकॉल भेजे जाते थे। आरोपियों के दबाव में पीड़ित हर घंटे अपनी गतिविधियों की जानकारी व्हाट्सएप पर साझा करता था। इसी बीच अलग-अलग बैंक खातों में भारी रकम ट्रांसफर करवा ली जाती थी।
नैनीताल निवासी से ठगे 1.02 करोड़ रुपए
मार्च 2025 में नैनीताल निवासी एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार अज्ञात लोगों ने खुद को टेलीकॉम और जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर पीड़ित को धमकाया। मात्र 10 दिनों में आरोपियों ने पीड़ित से 1.02 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में जमा करवा लिए। जांच के दौरान सामने आए खातों और मोबाइल नंबरों की पड़ताल में पटना निवासी अजय कुमार और उसका बेटा सौरभ शेखर सामने आए। इसके बाद एसटीएफ ने आरोपियों की लोकेशन ट्रैक कर रांची से गिरफ्तार कर लिया।
एनजीओ के नाम पर खोला था खाता
आरोपी अजय कुमार सिन्हा ने अपने बेटे सौरभ शेखर के साथ मिलकर “महिला और ग्रामीण विकास कल्याण समिति” नाम की एक फर्जी एनजीओ पटना में बनाई थी। इस एनजीओ के नाम पर करंट अकाउंट खुलवाकर ठगी की रकम जमा करवाई जाती थी। जांच में सामने आया है कि इस खाते में कुछ ही समय में करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ। शुरुआती जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने सिर्फ इस खाते के जरिए ही करीब 14.51 लाख रुपये की ठगी की रकम हासिल की थी।
देशभर में दर्ज हैं कई केस
एसटीएफ के मुताबिक अजय कुमार और उसके बेटे के खातों से करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है। देश के अलग-अलग राज्यों में इन पर साइबर ठगी के सात से ज्यादा मामले दर्ज हैं। एसटीएफ प्रमुख एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया कि अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क कर आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी कॉल पर खुद को सरकारी अधिकारी बताने वालों के झांसे में न आएं। कोई भी केंद्रीय एजेंसी या विभाग फोन या व्हाट्सएप के जरिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करता। यदि इस तरह की कोई कॉल या मैसेज मिले तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें।
