हल्द्वानी: लालकुआं कोतवाली क्षेत्र के बरेली रोड स्थित जयपुर बीसा गांव में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। एक निजी स्कूल की बस बच्चों से भरी हुई थी, जो अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद बस में सवार बच्चों की चीख-पुकार से पूरा क्षेत्र गूंज उठा और मौके पर अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत ही सक्रियता दिखाते हुए बस के शीशे तोड़े और बच्चों को बाहर निकाला। इस घटना में एक दर्जन से अधिक बच्चे घायल हो गए हैं। सभी घायलों को नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। बस चालक और परिचालक को भी गंभीर चोटें आई हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस मोटाहल्दू क्षेत्र के पदमपुर देवलिया गांव की थी और बच्चों को लेकर रामपुर रोड क्षेत्र से लौट रही थी। बताया जा रहा है कि जयपुर बीसा गांव के समीप दो स्कूल बसें एक-दूसरे को रास्ता देने की कोशिश कर रही थीं। इसी दौरान एक बस सड़क के बिल्कुल किनारे चली गई और असंतुलित होकर खाई की ओर पलट गई। जैसे ही बस पलटी, बच्चों में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शीशे तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला। हादसे के समय बस में करीब 40 बच्चे सवार थे।
ग्राम प्रधान ने लगाए गंभीर आरोप:
ग्राम प्रधान रमेश चंद्र जोशी ने बताया कि यह हादसा बस चालकों की लापरवाही के कारण हुआ है। उनका कहना है कि क्षेत्र में चल रही कई निजी स्कूलों की बसें सुरक्षा मानकों की अनदेखी करती हैं। यहां तक कि चालक अक्सर नशे की हालत में भी वाहन चलाते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन न तो स्कूल प्रशासन और न ही जिला प्रशासन इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े हादसे के बाद भी जिला प्रशासन मौके पर नहीं पहुंचा और पूरा रेस्क्यू स्थानीय लोगों की मदद से हुआ।
ग्रामीणों ने राहत की सांस ली कि बस जिस स्थान पर पलटी, वहां नाले में पानी नहीं था। अगर नाले में पानी भरा होता तो हालात और गंभीर हो सकते थे और बड़ा हादसा होना तय था। फिलहाल सभी घायलों का इलाज चल रहा है और अस्पताल प्रशासन ने बच्चों की हालत स्थिर बताई है।
हादसे की खबर जैसे ही क्षेत्र में फैली, अभिभावकों में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में परिजन अस्पताल पहुंचे और अपने बच्चों की कुशलक्षेम पूछने लगे। कई अभिभावक स्कूल प्रशासन से भी नाराज़ दिखाई दिए और उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल:
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के चलते क्षेत्र में आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि स्कूल बसों की नियमित जांच हो और शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही स्कूल प्रशासन को भी बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेह ठहराया जाए।
