हरिद्वार: गुरुवार को हरिद्वार के नगर कोतवाली क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब एक होटल के कमरे में अचानक आग लग गई। होटल स्टाफ और पुलिस जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक 25 वर्षीय युवक जिंदा जल चुका था। मृतक की पहचान मोहित निवासी राजस्थान के रूप में हुई है, जो केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) में जूनियर इंजीनियर (जेई) के पद पर तैनात था।
जानकारी के अनुसार, मोहित ने गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे हरिद्वार के एक होटल में कमरा लिया। रजिस्ट्रेशन के दौरान उसने अपना मोबाइल नंबर और अपने पिता का नंबर दर्ज कराया। कमरे में प्रवेश करने के बाद उसने अंदर से कुंडी लगा दी। लगभग दो घंटे बाद होटल के कमरे से अचानक धुआं निकलने लगा। स्टाफ ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया और पुलिस को सूचना दी। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी पुलिस ने देखा कि मोहित बुरी तरह जल चुका था।
26 अगस्त से था लापता
पुलिस जांच में सामने आया कि मोहित 26 अगस्त से लापता था। वह पंजाब के बठिंडा में सीपीडब्ल्यूडी में तैनात था। गुमशुदगी की रिपोर्ट उसके परिजनों ने पंजाब में दर्ज कराई थी। परिजनों का कहना है कि मोहित पिछले कुछ समय से व्यवहार में बदलाव दिखा रहा था। अचानक मोबाइल फोन और अन्य सामान कमरे पर छोड़कर गायब हो गया था।
पिता को कहा था – “मुझे सत्य की खोज में जाना है”
पुलिस के मुताबिक, घटना की सबसे चौंकाने वाली जानकारी मोहित के पिता ने दी। उन्होंने बताया कि मोहित मानसिक तनाव से गुजर रहा था और अजीब-अजीब बातें कर रहा था। आखिरी बार उसने अपने पिता से कहा था कि “उसे सत्य की खोज में जाना है।” इसके बाद से ही परिजन उसकी मानसिक स्थिति को लेकर चिंतित थे।
इंजीनियरिंग के बाद मिली थी नौकरी
25 वर्षीय मोहित ने कुछ साल पहले इंजीनियरिंग पूरी की थी और सीपीडब्ल्यूडी में अवर अभियंता के पद पर चयनित हुआ था। बठिंडा में उसकी पोस्टिंग थी और शुरुआती दिनों में सबकुछ सामान्य था। लेकिन बाद के दिनों में उसके स्वभाव और व्यवहार में अचानक बदलाव आने लगा। परिवार का कहना है कि वह अक्सर अकेला रहता और धार्मिक व दार्शनिक विचारों में उलझा रहता था।
पुलिस कई पहलुओं पर कर रही जांच
घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या प्रतीत होता है, लेकिन इसके पीछे की वास्तविक वजह जानने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इसमें मानसिक तनाव, व्यक्तिगत कारण और प्रेम प्रसंग जैसी संभावनाओं को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस ने होटल प्रबंधन और कर्मचारियों से भी पूछताछ की। होटल स्टाफ का कहना है कि युवक ने सामान्य तरीके से कमरा लिया था और किसी तरह की असामान्य हरकत नहीं दिखाई थी। लेकिन कमरे में धुआं फैलने के बाद जब दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का नज़ारा भयावह था।
मोहित की दर्दनाक मौत की खबर सुनते ही उसके परिवार में मातम छा गया। परिवारजन उसकी मानसिक स्थिति को लेकर चिंतित थे, लेकिन इस तरह की घटना से वे स्तब्ध हैं। परिवार का कहना है कि मोहित एक होनहार इंजीनियर था लेकिन किसी कारणवश वह मानसिक तनाव में आ गया था।
पुलिस फिलहाल इस मामले को आत्मघाती कदम मान रही है, लेकिन वास्तविक सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। इस घटना ने हरिद्वार सहित पूरे क्षेत्र को दहला दिया है और सवाल खड़े किए हैं कि आखिर एक उज्ज्वल भविष्य वाला युवा इस कदर टूट क्यों गया।

