नीरज चोपड़ा ज्यूरिख में डायमंड लीग फाइनल में 85.1 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे और जूलियन वेबर से हार गए.
नई दिल्ली : भारतीय भाला फेंक एथलीट और टोक्यो ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा के लिए 28 अगस्त 2025 का दिन निराशाजनक रहा। स्विट्जरलैंड में खेले गए डायमंड लीग 2025 फाइनल में वह खिताब अपने नाम नहीं कर पाए और उन्हें जर्मनी के स्टार एथलीट जूलियन वेबर के हाथों हार माननी पड़ी। हालांकि नीरज ने अंतिम थ्रो के दम पर दूसरा स्थान जरूर हासिल किया, लेकिन उनका यह प्रदर्शन वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले एक चेतावनी माना जा रहा है।
वेबर का शानदार प्रदर्शन, पहली बार बने चैम्पियन
जर्मनी के जूलियन वेबर इस समय शानदार फॉर्म में हैं। डायमंड लीग फाइनल में उन्होंने शुरुआत से ही दबदबा बनाया। अपने पहले ही थ्रो में उन्होंने 91.37 मीटर की दूरी नाप दी। इसके बाद उन्होंने दूसरा थ्रो 91.57 मीटर का फेंककर इस साल का वर्ल्ड लीड और पर्सनल बेस्ट दोनों हासिल कर लिया। लगातार दो बार 90 मीटर से आगे फेंक कर वेबर ने साबित कर दिया कि वह वर्ल्ड चैंपियनशिप में नीरज के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनने वाले हैं।
नीरज की धीमी शुरुआत और फाउल थ्रो
दूसरी ओर, नीरज चोपड़ा की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उनका पहला थ्रो केवल 84.35 मीटर का रहा। इसके बाद दूसरे प्रयास में भी वे सुधार नहीं कर पाए और महज 82 मीटर तक ही सीमित रह गए। अगली तीन कोशिशों में नीरज फाउल कर बैठे। इस वजह से एक समय ऐसा लग रहा था कि नीरज तीसरे पायदान पर ही सिमट जाएंगे।
दूसरे स्थान पर त्रिनिदाद और टोबैगो के केशोर्न वाल्कॉट थे, जिन्होंने 84.95 मीटर का थ्रो फेंका। अंतिम थ्रो से पहले नीरज तीसरे स्थान पर थे, लेकिन दबाव की घड़ी में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 85.01 मीटर का थ्रो फेंक दिया और अपना दूसरा स्थान पक्का किया। हालांकि यह वेबर को चुनौती देने के लिए काफी नहीं था।
नीरज ने जताई निराशा, कही बड़ी बात
मैच के बाद नीरज ने अपने प्रदर्शन पर निराशा जताई। उन्होंने कहा,
“आज का दिन मेरे लिए कठिन था। रन-अप और टाइमिंग ठीक नहीं बैठी। कई चीजें सही नहीं हो पाईं। फिर भी मुझे खुशी है कि आखिरी प्रयास में मैंने 85 मीटर से ज्यादा थ्रो किया। अब मेरे पास वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी के लिए तीन हफ्ते हैं और मैं पूरी मेहनत करूंगा।”
लगातार टूर्नामेंट्स से दूर रहे थे नीरज
गौरतलब है कि डायमंड लीग फाइनल से पहले नीरज ने बेंगलुरु में आयोजित नीरज चोपड़ा क्लासिक में गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद उन्होंने सिलेसिया डायमंड लीग से अपना नाम वापस ले लिया और ब्रुसेल्स डायमंड लीग में भी हिस्सा नहीं लिया। ऐसे में डायमंड लीग फाइनल उनका बड़ा इवेंट था, जहां उनसे स्वर्ण जीत की उम्मीद की जा रही थी।
अब टोक्यो वर्ल्ड चैंपियनशिप पर नजरें
नीरज चोपड़ा अब सीधे टोक्यो वर्ल्ड चैंपियनशिप में नजर आएंगे, जहां उन्हें अपना खिताब बचाने की चुनौती होगी। इस टूर्नामेंट में उनका सामना न केवल जूलियन वेबर से होगा, बल्कि पाकिस्तान के स्टार एथलीट और ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम से भी होगा।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि नीरज के लिए आने वाला टूर्नामेंट आसान नहीं होगा। वेबर की लगातार 90+ मीटर की थ्रो और अरशद नदीम की आक्रामक तैयारी नीरज के लिए दबाव बढ़ाने वाली है।
भारत की उम्मीदें अब भी बरकरार
भले ही डायमंड लीग का खिताब हाथ से निकल गया हो, लेकिन नीरज चोपड़ा का रिकॉर्ड बताता है कि वह दबाव की घड़ी में वापसी करना जानते हैं। टोक्यो ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप में उनकी जीत इसका सबसे बड़ा सबूत है। आने वाले हफ्तों में नीरज अपनी गलतियों को सुधारने और फॉर्म में लौटने की कोशिश करेंगे।
