नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम 9 सितंबर से एशिया कप 2025 में हिस्सा लेने जा रही है, लेकिन उससे पहले क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक दुखद समाचार आया है। भारत के अनुभवी लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने 4 सितंबर 2025 (गुरुवार) को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी। इसके साथ ही उनके 25 साल से ज्यादा लंबे क्रिकेट करियर का अंत हो गया।
सोशल मीडिया पर किया भावुक ऐलान

अमित मिश्रा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने रिटायरमेंट की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा:
“आज 25 साल बाद मैं क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करता हूं। एक ऐसा खेल जो मेरा पहला प्यार, मेरा गुरु और मेरी खुशी का सबसे बड़ा स्रोत रहा है। यह सफर अनगिनत भावनाओं से भरा रहा है। मैं बीसीसीआई, हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन, अपने कोचों, सहयोगी स्टाफ, सहकर्मियों और सबसे बढ़कर, प्रशंसकों का तहे दिल से आभारी हूं, जिनके विश्वास और समर्थन ने मुझे हर कदम पर ताकत दी।”
उन्होंने आगे अपने परिवार और साथियों को धन्यवाद दिया और कहा कि अब वे क्रिकेट को कुछ लौटाना चाहते हैं।
अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत
वनडे डेब्यू: 2003 में बांग्लादेश ट्राई सीरीज
टेस्ट डेब्यू: 2008, मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ
टी20 डेब्यू: 2010
मिश्रा ने भारत के लिए कुल:
22 टेस्ट में 76 विकेट
36 वनडे में 64 विकेट
10 टी20 में 16 विकेट लिए।
आईपीएल में बेजोड़ रिकॉर्ड
अमित मिश्रा ने 2008 से लेकर 2024 तक आईपीएल में खेला।
कुल 162 मैच
174 विकेट
तीन हैट्रिक (आईपीएल इतिहास में सबसे पहले तीन हैट्रिक लेने वाले गेंदबाज)
उनकी हैट्रिक रही:
2008: दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स)
2011: किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स)
2013: सनराइजर्स हैदराबाद
खास रिकॉर्ड्स और उपलब्धियां
2013 में जिम्बाब्वे के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में 18 विकेट लेकर जवागल श्रीनाथ के रिकॉर्ड की बराबरी।
2014 टी20 वर्ल्ड कप (बांग्लादेश) में 10 विकेट लेकर भारत को फाइनल तक पहुँचाने में अहम भूमिका।
भारत के लिए आखिरी मैच 2017 में खेला।
अंतिम प्रतिस्पर्धी मैच: आईपीएल 2024 (लखनऊ सुपर जायंट्स बनाम राजस्थान रॉयल्स)।
सबसे यादगार पल: मोहाली टेस्ट डेब्यू

अमित मिश्रा ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनका सबसे यादगार पल उनका मोहाली टेस्ट डेब्यू था।
उस समय अनिल कुंबले चोटिल थे और मिश्रा को अचानक मौका मिला। उन्होंने डेब्यू मैच में 8 विकेट चटकाए, जिसमें एक पारी में 5 विकेट शामिल थे।
मिश्रा ने कहा:
“वो मेरे करियर का सबसे अहम और यादगार पल हमेशा रहेगा। अनिल भाई ने सुबह मुझे खेलने के लिए प्रोत्साहित किया था और मुझे लगा कि भारत के लिए टेस्ट खेलने का इससे बेहतर अवसर कभी नहीं हो सकता।”
अपने बयान में मिश्रा ने कहा कि उनके करियर की हर उपलब्धि उनके परिवार, कोचों और प्रशंसकों के सहयोग से संभव हो पाई। उन्होंने विशेष रूप से अपने परिवार का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने हर उतार-चढ़ाव में उनका साथ दिया।
हालांकि मिश्रा ने अपने भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से नहीं बताया, लेकिन संकेत दिया कि वे क्रिकेट से जुड़े रहेंगे और नए खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देना चाहेंगे।

