देहरादून: उत्तराखंड इस समय भीषण आपदा से जूझ रहा है। नदियां उफान पर हैं, पुल और सड़कें टूट चुकी हैं, कई गांव जलमग्न हो चुके हैं और हजारों लोग प्रभावित हैं। ऐसे कठिन समय में जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री राहत व बचाव कार्यों का जायजा लेने में जुटे हैं, वहीं राजधानी देहरादून से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने राजनीति के साथ-साथ प्रशासनिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है।
दरअसल, मंगलवार को देहरादून जिले में तबाही का मंजर देखने के बाद कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी आपदा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक उनकी मुलाकात जिलाधिकारी सविन बंसल से हो गई। आमना-सामना होते ही मंत्री जोशी ने जिलाधिकारी से सख्त लहजे में कहा – “तीन-चार बार फोन किया, आप फोन नहीं उठाते। रंग-ढंग ठीक कर लो अपना।”
मंत्री की यह बात सुनकर जिलाधिकारी ने जवाब दिया कि वे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में व्यस्त थे। इस पर मंत्री जोशी और भी आक्रामक अंदाज में बोले – “मुख्य सचिव ने फोन उठा लिया, कमिश्नर विनय शंकर ने फोन उठा लिया, एसडीएम ने फोन उठा लिया… लेकिन आपने फोन तब उठाया जब मैंने मुख्यमंत्री को फोन किया।”
इसके बाद जिलाधिकारी ने मंत्री को नमस्कार किया और चुपचाप वहां से आगे बढ़ गए।
पूरा घटनाक्रम मोबाइल कैमरे में कैद हो गया और अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। विपक्षी कांग्रेस ने इस वीडियो को हथियार बनाते हुए धामी सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आपदा के समय जनता की मदद करने के बजाय मंत्रीगण अधिकारियों को धमकाने और हड़काने में लगे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आपदा प्रबंधन इसी तरह होगा?
हालांकि, इस पूरे विवाद पर जब मीडिया ने मंत्री गणेश जोशी से प्रतिक्रिया लेनी चाही तो उन्होंने कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया और आगे बढ़ गए।
गौरतलब है कि गणेश जोशी धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और मसूरी से चार बार विधायक रह चुके हैं। वहीं जिलाधिकारी सविन बंसल आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार रेस्क्यू और राहत कार्यों की मॉनिटरिंग में जुटे हैं।
फिलहाल, इस टकराव के बाद सियासी हलचल और तेज हो गई है। एक तरफ सरकार आपदा प्रबंधन में जुटी है, वहीं दूसरी ओर मंत्री और अफसर के बीच टकराव ने प्रशासनिक तालमेल पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
