देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) का हालिया पेपर लीक प्रकरण लगातार तूल पकड़ रहा है। पुलिस जांच में खालिद इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। अब तक खालिद की बहनों से पूछताछ की गई है, जिनमें से उसकी बहन साबिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि दूसरी बहन हीना और पेपर के हल तैयार करने में शामिल सहायक प्रोफेसर सुमन पुलिस हिरासत में हैं।
पुलिस जांच में सबसे गंभीर खुलासा यह हुआ है कि परीक्षा केंद्रों में जैमर लगे होने के बावजूद मोबाइल अंदर पहुँचा और इसी के जरिये पेपर बाहर गया। यही मोबाइल सप्लाई इस कांड की असली जड़ मानी जा रही है। पुलिस अब उस शख्स की तलाश में जुटी है, जिसने मोबाइल परीक्षा केंद्र तक पहुँचाया और पेपर लीक की कड़ी को जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई।
इस मामले में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है जिसकी जिम्मेदारी एसपी देहात जया बलूनी को सौंपी गई है। अब तक टीम को कई अहम सबूत मिले हैं और पुलिस का दावा है कि जल्द ही खालिद को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और उसके मददगारों की धरपकड़ की तैयारी है।
बेरोजगार संघ ने आरोप लगाया है कि 21 सितंबर को सुबह 11 बजे प्रदेश के 445 केंद्रों पर आयोजित परीक्षा का पेपर आधे घंटे के भीतर यानी 11:35 बजे ही लीक हो गया था। इस घटना से आक्रोशित बेरोजगार संघ ने 22 सितंबर को सचिवालय कूच कर सीबीआई जांच की मांग उठाई। इससे पहले STF ने ठगी के आरोप में पंकज गौड़ और हाकम सिंह को गिरफ्तार किया था। यह पेपर लीक मामला न केवल परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि लाखों युवाओं की मेहनत और भविष्य से सीधा जुड़ा है।
