देहरादून: दोस्ती और पैसों का रिश्ता कभी-कभी खतरनाक मोड़ ले लेता है। ऐसा ही एक मामला राजधानी देहरादून में सामने आया, जहां पुराने लेन-देन के विवाद ने जानलेवा हमले का रूप ले लिया। थाना राजपुर पुलिस ने रविवार को बड़ा मोड़, ओल्ड मसूरी रोड के पास से गोलीकांड में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, 24 सितंबर को अमान चौधरी ने थाना राजपुर में तहरीर दी थी कि वाटिका सोसायटी, मसूरी रोड के पास अज्ञात कार सवार युवकों ने उस पर जानलेवा फायरिंग की। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान लगभग 250 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बड़ा मोड़ क्षेत्र से तीन आरोपियों—आसिफ कुरैशी उर्फ आशु, शुभम सती और शाहरुख हुसैन को दबोच लिया। उनके कब्जे से एक अवैध पिस्टल और एक जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ।
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाली वजह सामने आई। आरोपी आसिफ कुरैशी ने खुलासा किया कि करीब एक साल पहले उसने अमान चौधरी को 15.35 लाख रुपये उधार दिए थे। कई बार मांगने के बावजूद अमान ने पैसा वापस नहीं किया। पैसों की कमी की वजह से आसिफ की बहन की शादी टूट गई। इससे आसिफ बेहद आहत और गुस्से में था। हाल ही में उसे जानकारी मिली कि अमान देहरादून आया है, जिसके बाद उसने अपने साथियों—सोहेल, शुभम सती और शाहरुख हुसैन से मिलकर उसे सबक सिखाने की योजना बनाई।
घटना की रात अमान चौधरी अपनी थार गाड़ी से सिनोला तिराहे की ओर जा रहा था। तभी आरोपियों ने उसकी गाड़ी रोकी और शुभम सती ने पिस्टल से फायर कर दिया। गनीमत रही कि अमान बाल-बाल बच गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि चौथे आरोपी सोहेल की तलाश जारी है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।
