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उत्तराखण्ड पुलिस का “हैकाथॉन 3.0” सम्पन्न, देशभर में जगाई स्मार्ट पुलिसिंग की नई उम्मीद

एआई से लेकर ब्लॉकचेन तक—हैकाथॉन 3.0 में युवाओं ने दिखाई कानून-व्यवस्था की नई दिशा

देहरादून: देवभूमि उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा आयोजित देश का तीसरा पुलिस हैकाथॉन— “हैकाथॉन 3.0” सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित यह राष्ट्रीय स्तर का इनोवेशन चैलेंज इस बार पूरे देश से आए टेक-उत्साही युवाओं के आकर्षण का केंद्र बना। उत्तराखण्ड, देश का ऐसा पहला राज्य है जिसने तीसरा पुलिस हैकाथॉन आयोजित कर पुलिसिंग में तकनीक के बढ़ते महत्व को सशक्त रूप से स्थापित किया है।

27 अक्टूबर से 8 नवंबर तक पंजीकरण अवधि के दौरान 129 टीमों ने अपने नवीन और प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। 9 नवंबर को आयोजित प्रीलिम राउंड में सभी टीमों ने छह घंटे की अवधि में अपने कॉन्सेप्ट प्रस्तुत किए, जिसके बाद कठोर मूल्यांकन के बाद 15 टीमों को ऑन-साइट फाइनल के लिए चुना गया।

ग्रैंड फिनाले 18 नवंबर को पुलिस लाइन, देहरादून में हुआ, जहाँ 13 फाइनलिस्ट टीमों ने लगातार 36 घंटे तक नॉन-स्टॉप हैकाथॉन में भाग लिया। प्रतिभागियों ने ओएसआईएनटी ऑटोमेशन, डार्क वेब इंटेलिजेंस, सुरक्षित संचार प्रणाली, डिजिटल फोरेंसिक ऑटोमेशन, नेटवर्क फोरेंसिक, क्रिप्टो इंटेलिजेंस तथा एआई-आधारित वीडियो एनालिटिक्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर अत्याधुनिक तकनीकी समाधान पेश किए।

इस वर्ष कुल 1500 छात्रों, 250 टीमों और 200 महिला कोडर्स की अभूतपूर्व भागीदारी दर्ज की गई, जिसने राष्ट्रीय सुरक्षा नवाचार में युवाओं की बढ़ती भूमिका को उजागर किया।

प्रतियोगिता में TEAM N/A (Team-15) को प्रथम, TEAM VOLDEBUG & ALGORYTHM को द्वितीय तथा TEAM BYTE SHIELD & QUADRATECH को तृतीय स्थान मिला।

समापन समारोह में पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ ने कहा कि हैकाथॉन 3.0 ने साबित किया है कि भविष्य की पुलिसिंग पूरी तरह तकनीक आधारित होगी और इसे आगे बढ़ाने में देश के युवा मस्तिष्क प्रमुख भूमिका निभाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सभी प्रतिभागियों के नवाचार, कौशल और समर्पण की सराहना की। इस आयोजन ने सुरक्षित समाज और स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित किया।

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