विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से धोखाधड़ी करने वाले आरोपी एजेंट को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
देहरादून/रुद्रपुर: विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर युवाओं को साइबर ठगी के जाल में फँसाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। थाईलैंड, म्यांमार और बैंकॉक में बंधक बनाए गए भारतीय युवाओं को रेस्क्यू कर भारत वापस लाया गया, जिनमें उधम सिंह नगर के 7 युवक भी शामिल हैं। पीड़ितों की शिकायत के आधार पर STF ने एक एजेंट को गिरफ्तार कर लिया है।
भारत लौटे युवकों ने पुलिस को बताया कि स्थानीय एजेंट विदेशी गैंगों से मिलकर उच्च वेतन वाली नौकरी का लालच देते थे। विदेश पहुँचने पर उनसे जबरन साइबर ठगी कराई जाती थी और उन्हें बंधक बनाकर रखा जाता था। जांच में सामने आया कि एजेंटों ने लाखों रुपये वसूले और युवाओं का डाटा व्हाट्सएप के जरिए विदेशी एजेंटों को भेजा।
जांच में सुनील कुमार, अशोक, पिंकी, नीरव चौधरी, प्रदीप (काशीपुर), जसपुर निवासी एक युवक और महाराष्ट्र के धनंजय के नाम सामने आए। इस पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया गया।
STF ने डिजिटल साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैसिंग के आधार पर प्रदीप कुमार निवासी काशीपुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने मनीष चौहान से 40,000 रुपये कमीशन लेकर युवक अयाज को बैंकॉक में “डिजिटल मार्केटिंग जॉब” के बहाने भेजा था। बाद में मनीष ने अयाज को अवैध रास्ते से म्यांमार के KK पार्क तक पहुँचाया, जहाँ उससे साइबर ठगी कराई जा रही थी।
प्रदीप ने यह भी माना कि इससे पहले भी मनीष ने उसे जुलाई में 10,000 और अगस्त में 5,000 रुपये ऑनलाइन भेजे थे। STF ने आरोपी के मोबाइल से व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल सबूत बरामद किए हैं।
