डीएम ने बनवाया जिले का अपना एंटी-ड्रग्स हेल्पलाइन नंबर
सभी शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्रा होंगे एंटी ड्रग्स कमेटी का हिस्सा
मेडिकल स्टोर में सीसीटीवी कैमरे न होने पर लाइ सेंस तत्काल रद्द
ट्रैफिक चेकिंग में नई सख्ती, रात्रि में ड्रग्स टेस्टिंग भी होगी
देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल ने बृहस्पतिवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-आर्डिनेशन समिति की बैठक ली। उन्होंने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए विभागों की ओर से अब तक किए गए कार्यों और अवैध ड्रग्स कारोबार में लिप्त दोषियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित दवा फैक्ट्री एवं मेडिकल स्टोर का निरंतर निरीक्षण करने और नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए सघन जांच अभियान चलाने के भी निर्देश दिए है। कहा कि सभी मेडिकल स्टोर पर 10 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी स्थापित कराए जाए। जिन मेडिकल स्टोर पर तब भी सीसीटीवी नहीं लगते है, ड्रग्स इंस्पेक्टर तत्काल उनका लाइसेंस निरस्त करें।
जिलाधिकारी ने जनपद के उच्च शिक्षण संस्थानों में वृहद स्तर पर ड्रग्स टेस्टिंग कराने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को डिटेक्शन सेंटर का स्वयं भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए है। कहा कि जो डिटेक्शन सेंटर मौके पर मौजूद नहीं, उनका पंजीकरण तत्काल रद्द करें। मादक पदार्थों की डिमांड एवं सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए एएनटीएफ, एफ, एसटीएफ, पुलिस, एनसीबी औषधि नियंत्रक सहित सभी प्रर्वतनकारी संस्थाओं को मिलकर काम करते हुए प्रवाभी कार्रवाई के निर्देश दिए।
सड़कों पर यातायात नियमों की चेकिंग के दौरान खासतौर पर रात्रि में ड्रग्स टेस्टिंग भी की जाए। प्रत्येक नागरिक को मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 एवं पोर्टल की जानकारी हो, ताकि कोई भी नागरिक नशे के अवैध कारोबार के बारे में आसानी से प्रशासन को सूचना दे सके। सीओ पुलिस ने बताया कि देहरादून में पिछले एक माह में में 19 जगहों पर ड्रग्स का अवैध कारोबार होने की शिकायत मिली थी। जिसमें गहनता से जांच की गई। ड्रग्स के अवैध कारोबार संलिप्त लोगों के विरुद्ध 12 केसों में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसडीएम ने बताया कि ग्राफिक एरा, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी, यूनिसन कालेज में जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान 17 छात्र-छात्राओं की ड्रग्स टेस्टिंग भी कराई गई।
