देहरादून: अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानूनी व्यवस्था डा वी मुरुगेशन ने लंबित पुलिस के मामले को निपटने का आदेश दिया। इस विषय को लेकर के बृहस्पतिवार को बैठक आयोजित की गई।
डा वी मुख्गेशन अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था ने समस्त जनपद प्रभारियों तथा परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से ड्रग फ्री देवभूमि मिशन के अंतर्गत ‘वाणिज्यिक मात्रा से संबंधित एनडीपीएस एक्ट के लंबित अभियोगों की समीक्षा की। वाणिज्यिक मात्रा से सम्बन्धित लम्बित अभियोगों को समय सीमा के अन्तर्गत निस्तारित करने के निर्देश दिये गये।
गढ़वाल परिक्षेत्र के जनपदों के कुल लम्बित 40 अभियोगों तथा कुमायूँ परिक्षेत्र के जनपदों के 47 लम्बित अभियोगों की गहन समीक्षा की गयी। धारा 14 गैंगस्टर एक्ट तथा धारा 68 एक्ट के अंतर्गत अभियुक्तों द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को नियमानुसार कुर्क करने की कार्यवाही पर विशेष बल देते हुए, जनपदों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों में बिना देरी किए कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
अभ्यासिक अपराधियों को एनडीपीएस एक्ट के अन्तर्गत निरुद्ध करने तथा हिस्ट्रीशीट खोलकर इनकी निरन्तर निगरानी करने हेतु भी निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में विवेचकों द्वारा अभियुक्त के आपराधिक इतिहास सहित आवश्यक जानकारी न्यायालय के समक्ष उपलब्ध नहीं कराई गई, ऐसे विवेचकों के खिलाफ कदम उठाये जायें। तस्करी में प्रयुक्त वाहनों के गलत रजिस्ट्रेशन नंबर पाए जाने पर निर्देशित किया कि विवेचना के दौरान इंजन एवं चेसिस नंबर के आधार पर वाहन स्वामी की पहचान कर उनके खिलाफ भी कदम उठाये जायें।
गोष्ठी में सुनील कुमार मीणा पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड धीरेन्द्र गुंज्याल पुलिस उपमहानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था, विशाखा अशोक भदाणे- पुलिस अधीक्षक, अपराध पुलिस मुख्यालय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
