देहरादून/नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) बिल, 2025 पर हुई चर्चा अब सियासी बहस का विषय बन गई है। इस बिल पर चर्चा के दौरान उत्तराखंड के नैनीताल से भाजपा सांसद अजय भट्ट का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
लोकसभा में बोलते हुए अजय भट्ट ने कहा कि इस बिल को लेकर केंद्र सरकार की मंशा बिल्कुल साफ है। उन्होंने अपने संबोधन में राम नाम का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन की कई परेशानियों में “जय श्री राम” का स्मरण करने से रास्ता निकलता है। उनके इस बयान को लेकर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
इससे पहले ‘जी राम जी बिल’ पर संसद में जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि यह बिल मनरेगा को कमजोर करने की दिशा में एक कदम है और सरकार ग्रामीण रोजगार की मूल भावना से भटक रही है। विरोध के दौरान विपक्षी सांसदों ने सदन में बिल की प्रतियां भी फाड़ीं।
वहीं भाजपा सांसदों ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए बिल का समर्थन किया। अजय भट्ट, शिवराज सिंह चौहान सहित कई नेताओं ने सरकार के पक्ष में तर्क रखे। अजय भट्ट का बयान अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
