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गुम मोबाइल से साइबर ठगी, किसान के खाते से एक लाख से अधिक की रकम उड़ी

मोबाइल गुम होने के कुछ घंटों में ही अपराधियों ने खाली किया खाता, पुलिस ने दर्ज की जीरो एफआईआर

देहरादून: आवास विकास क्षेत्र में रहने वाले एक काश्तकार के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां गुम हुए मोबाइल फोन का फायदा उठाकर अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते से एक लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली। घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

मोबाइल खोने के बाद खाते से उड़ी रकम

पीड़ित जगदीश, जो पॉपुलर के पौधे तैयार कर नर्सरियों को सप्लाई करने का काम करते हैं, ने कोतवाली में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया कि 22 फरवरी को वह एमबी कॉलेज के पास से सिंधी चौराहे की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनका मोबाइल फोन कहीं रास्ते में गिरकर गुम हो गया। उन्होंने काफी देर तक आसपास खोजबीन की, लेकिन मोबाइल का कोई सुराग नहीं मिल सका।

चार घंटे में खाली हुआ खाता

जगदीश के अनुसार, मोबाइल गुम होने के कुछ ही समय बाद उनके बैंक खाते से संदिग्ध लेन-देन शुरू हो गया। दोपहर करीब चार बजे से रात आठ बजे के बीच उनके खाते से पहले चार हजार रुपये निकाले गए, जिसके बाद दूसरे खाते से 96 हजार रुपये से अधिक की रकम निकाल ली गई। इस तरह कुल मिलाकर एक लाख रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दिया गया।

पुलिस ने दर्ज की जीरो फिर

घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने साइबर सेल थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने कोतवाली में जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू की। सीओ सिटी अमित कुमार सैनी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और साइबर टीम लेन-देन के तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। हालांकि, अभी तक गुम हुआ मोबाइल फोन बरामद नहीं हो सका है।

 

डिजिटल दौर में बढ़ता खतरा

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मोबाइल फोन गुम होना सिर्फ एक साधारण घटना नहीं, बल्कि आर्थिक नुकसान का बड़ा कारण बन सकता है। आज के डिजिटल युग में मोबाइल फोन बैंकिंग, यूपीआई और अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं से जुड़ा होता है, जिससे उसके गलत हाथों में जाने पर दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तुरंत आवश्यक कदम उठाना बेहद जरूरी है। सबसे पहले अपने मोबाइल नंबर को ब्लॉक कराना चाहिए और संबंधित बैंक को सूचित करना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार के अनधिकृत लेन-देन को रोका जा सके। साथ ही, साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराना भी जरूरी है।

इसके अलावा, स्मार्टफोन में पहले से ही सुरक्षा फीचर्स सक्रिय रखना चाहिए। गूगल का “फाइंड माई डिवाइस” फीचर उपयोगकर्ताओं को फोन की लोकेशन ट्रैक करने, उसे लॉक करने या उसमें मौजूद डेटा को डिलीट करने की सुविधा देता है। फोन में मजबूत पासवर्ड या पिन सेट करना, नोटिफिकेशन को सुरक्षित रखना और सिम लॉक सक्रिय करना भी साइबर ठगी से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय हैं।

 

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