हरिद्वार: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय सेना के मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी को आज खड़खड़ी श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान सेना और पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
खंडूड़ी की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हर वर्ग के लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया। पूरा वातावरण शोक और सम्मान से भर गया। अंतिम संस्कार की रस्म उनके पुत्र मनीष खंडूड़ी ने पूरी की। इस दौरान परिजनों और उपस्थित लोगों की आंखें नम रहीं।

राजनीतिक और सैन्य जीवन का योगदान
भुवन चंद्र खंडूड़ी का जीवन सैन्य अनुशासन और राजनीतिक ईमानदारी का उदाहरण माना जाता है। वे भारतीय सेना में मेजर जनरल के पद तक पहुंचे और इसके बाद राजनीति में सक्रिय हुए। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में सेवा दी। उनके कार्यकाल को सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदारी के लिए याद किया जाता है।
नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि खंडूड़ी जी का जीवन सादगी, अनुशासन और ईमानदारी का प्रतीक रहा। उन्होंने कहा कि उनके कार्य और विचार आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें राज्य और देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि खंडूड़ी जी हमेशा एक अभिभावक और प्रेरणा स्रोत के रूप में याद किए जाएंगे।

प्रशासनिक और सैन्य अधिकारियों की उपस्थिति
अंतिम संस्कार में राज्य सरकार के कई मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, सेना और पुलिस के अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे। सभी ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। आम नागरिकों की भारी उपस्थिति ने भी उनके प्रति जनसम्मान को दर्शाया।
