बदरीनाथ धाम के पास बनेगा आधुनिक हेरिटेज सेंटर, स्थानीय संस्कृति और सेना के योगदान को मिलेगा सम्मान
चमोली: सीमांत क्षेत्र में विकास और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत के सीडीएस अनिल चौहान ने गुरुवार को माणा गांव में “माणा सांस्कृतिक एवं विरासत संग्रहालय” की आधारशिला रखी। यह गांव बदरीनाथ धाम के निकट स्थित है और अपनी ऐतिहासिक व सामरिक महत्ता के लिए जाना जाता है।
शिलान्यास के दौरान सीडीएस ने स्थानीय ग्रामीणों और सैनिकों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने इस परियोजना को सीमांत क्षेत्रों में सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।

शिलान्यास समारोह के दौरान सीडीएस ने स्थानीय ग्रामीणों और तैनात सैनिकों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय गढ़वाल की सांस्कृतिक विविधता, धार्मिक आस्थाओं और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को इससे जोड़ने का कार्य करेगा।
प्रस्तावित संग्रहालय में अत्याधुनिक गैलरी, इंटरएक्टिव प्रदर्शनी और शैक्षणिक सामग्री शामिल की जाएगी। इसके माध्यम से गढ़वाल क्षेत्र की लोक संस्कृति, परंपराएं और भारतीय सशस्त्र बलों में यहां के योगदान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।
यह परियोजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। साथ ही क्षेत्रीय कला, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
इससे पूर्व सीडीएस अनिल चौहान ने बदरीनाथ धाम पहुंचकर आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
