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शिक्षक चिकित्सक और अधिवक्ता को सतत रूप से अध्ययन की आवश्यकता: आकाश सारस्वत

चमोली: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) गौचर में रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट के सहयोग से बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (FLN) को सुदृढ़ करने हेतु दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। यह कार्यशाला पूर्व में आयोजित एनएसएस शिविर के अंतर्गत आयोजित की गई थी।

कार्यशाला में जनपद के विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों से 53 संदर्भदाता शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली आकाश सारस्वत ने कहा कि बच्चों के समग्र विकास के लिए विद्यालयों में पठन-पाठन, पुस्तकालयों का उपयोग, स्वतंत्र पठन, सह-पठन एवं अन्य शैक्षिक गतिविधियों को बढ़ावा देना आवश्यक है, जिससे निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति की जा सके।

उन्होंने कहा कि केवल तीन ऐसे पेशे हैं जिनमें निरंतर अध्ययन आवश्यक है—शिक्षक, चिकित्सक और अधिवक्ता। उन्होंने शिक्षकों से लगातार स्वयं को अद्यतन रखने की अपील की।

कार्यक्रम के समन्वयक गोपाल प्रसाद कपरूवाण ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्री-टेस्ट, सत्र संचालन और पोस्ट-टेस्ट की प्रक्रिया की जानकारी दी।

रूम टू रीड संस्था की ओर से अनीता चंदोला सहित निशांत वशिष्ठ, राजेंद्र बड़थ्वाल, उमाशंकर और अशोक सकलानी ने प्रतिभागियों को FLN कार्यक्रम, निपुण लक्ष्य, राज्य द्वारा उपलब्ध कराई गई शिक्षण सामग्री, पाठ योजना, प्रगति चार्ट बोर्ड, अनौपचारिक आकलन, समूह कार्य, पुस्तकालय एवं रीडिंग कॉर्नर के उपयोग तथा डिजिटल लर्निंग टूल्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के मिथिलेश तोपाल और अब्दुल रहमान ने पूर्व-संख्या ज्ञान, गणना एवं गणितीय संक्रियाओं पर भी विस्तृत चर्चा की। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

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