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जैविक व प्राकृतिक खेती से आत्मनिर्भर बनेगा उत्तरकाशी, 40 किसान तीन दिवसीय प्रशिक्षण के लिए रवाना

उत्तरकाशी: उत्तरकाशी में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कृषि विभाग द्वारा संचालित आत्मा (ATMA) योजना के तहत 40 कृषकों के दल को तीन दिवसीय प्रशिक्षण के लिए देहरादून रवाना किया गया। मंगलवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने प्रशिक्षण दल को हरी झंडी दिखाकर शुभकामनाओं के साथ रवाना किया।

यह प्रशिक्षण उत्तराखंड जैविक उत्पाद परिषद, देहरादून में 5 अगस्त से 7 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों, उन्नत कृषि पद्धतियों और व्यावहारिक कृषि ज्ञान की जानकारी दी जाएगी, जिससे वे अपने खेतों में बेहतर उत्पादन के साथ टिकाऊ खेती को बढ़ावा दे सकें।

इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और अनुभव का लाभ किसान अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचाकर अन्य कृषकों को भी प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि जैविक एवं प्राकृतिक खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि जनपद की कृषि को आत्मनिर्भर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्य कृषि अधिकारी एस.एस. वर्मा ने बताया कि प्राकृतिक खेती ऐसी कृषि प्रणाली है, जिसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता। इस पद्धति में स्थानीय संसाधनों, जैविक पदार्थों और प्रकृति के संतुलन का उपयोग कर स्वस्थ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल कृषि को बढ़ावा दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उनकी आय में वृद्धि और सतत कृषि विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाते हैं।

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