चमोली: बरसात के मौसम में हुए भू-स्खलन से राजकीय पॉलिटेक्निक गौचर का प्रांगण गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए नौ महीने बीत जाने के बाद भी अब तक कोई सुरक्षात्मक या सुधारात्मक कार्य शुरू नहीं किया गया है। इस लापरवाही से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में शासन-प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है।
विद्यालय प्रशासन द्वारा पहले ही इस संबंध में जिलाधिकारी चमोली को ज्ञापन सौंपकर स्थिति से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आगामी बरसात को देखते हुए भवन की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते क्षतिग्रस्त दीवार और प्रांगण की मरम्मत नहीं की गई तो पूरे विद्यालय भवन को भी खतरा हो सकता है।
इस पॉलिटेक्निक में 400 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर डर का माहौल बना हुआ है। अभिभावकों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि बरसात से पहले आवश्यक कार्य नहीं किए गए तो किसी भी अनहोनी की जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा।
विद्यालय के प्रधानाचार्य राजकुमार ने बताया कि मामले की जानकारी पहले ही जिला प्रशासन को दी जा चुकी है। वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे पर सरकार की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इच्छाशक्ति हो तो यह कार्य विधायक निधि से भी कराया जा सकता है।
