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कुम्भ-2027 की तैयारी: ‘हरित हरिद्वार अभियान’ से हरा-भरा होगा धर्मनगरी हरिद्वार

हरिद्वार: कुम्भ मेला-2027 को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने की दिशा में मेला प्रशासन एवं हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण द्वारा “हरित हरिद्वार अभियान” शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत आगामी मानसून सत्र में कुंभ क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कराया जाएगा।

जनभागीदारी से चलेगा अभियान

मेला अधिकारी एवं हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सोनिका की पहल पर शुरू किए जा रहे इस अभियान में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य केवल सरकारी स्तर पर पौधारोपण करना नहीं, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना भी है।

सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्रा बने नोडल अधिकारी

“हरित हरिद्वार अभियान” के सफल संचालन के लिए मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार डॉ. ललित नारायण मिश्रा को समग्र नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत लगाए जाने वाले पौधों के संरक्षण एवं देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि हरित वातावरण लंबे समय तक कायम रह सके।

संस्थाएं और संगठन भी कर सकेंगे सहयोग

डॉ. मिश्रा ने बताया कि इच्छुक व्यक्ति, सामाजिक संस्थाएं एवं स्वयंसेवी संगठन ऐसे स्थानों का चयन कर सकते हैं जहां वे पौधारोपण कराना चाहते हैं। चयनित स्थलों की सूचना प्राधिकरण को देने पर प्रशासन द्वारा समन्वय स्थापित कर पौधारोपण एवं संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर

उन्होंने कहा कि कुम्भ मेला-2027 केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता का भी एक बड़ा अवसर है। प्रशासन का प्रयास है कि हरिद्वार को देश के सबसे स्वच्छ और हरित धार्मिक नगरों में शामिल किया जाए।

युवाओं और नागरिकों से सहयोग की अपील

प्रशासन ने आमजन, युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं से “हरित हरिद्वार अभियान” में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। साथ ही नागरिकों से पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का भी आह्वान किया गया है।

हरित और सुंदर हरिद्वार बनाने का लक्ष्य

“हरित हरिद्वार अभियान” के माध्यम से प्रशासन का लक्ष्य कुम्भ मेला-2027 तक हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर, पर्यावरण अनुकूल और हराभरा धार्मिक नगर के रूप में विकसित करना है।

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