Udayprabhat
uttrakhand

ज्योर्तिमठ: गौरा देवी पर्यावरण सम्मान 2026 के लिए सात विभूतियों का चयन

ज्योर्तिमठ: ज्योर्तिमठ में आयोजित चयन समिति की बैठक में वर्ष 2026 के गौरा देवी पर्यावरण सम्मान के लिए आए कुल 155 आवेदनों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। मूल्यांकन के बाद समिति ने पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक योगदान और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले सात व्यक्तियों का चयन सम्मान के लिए किया है।

चयनित नामों में अल्मोड़ा की मंजू आर. शाह शामिल हैं, जो चीड़ की पत्तियों से पर्यावरण आधारित हस्तशिल्प तैयार कर रही हैं और विद्यालयों व एनसीसी के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देकर इस कला को बढ़ावा दे रही हैं। उनके कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है।

चौखुटिया क्षेत्र के शंकर सिंह बिष्ट पिछले 10 वर्षों से जल संरक्षण, तलैया निर्माण, ट्रेंचिंग और वन अग्नि सुरक्षा जैसे कार्यों में सक्रिय हैं। उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।

पौड़ी गढ़वाल की सावित्री ममगाई महिला संगठनों के साथ लंबे समय से कार्य कर रही हैं और वर्तमान में वन पंचायत सरपंच के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें अब तक एक दर्जन से अधिक सम्मान मिल चुके हैं।

चमोली में पत्रकारिता से जुड़े शेखर रावत ने सामाजिक सरोकारों के साथ निरंतर कार्य किया है। वे चिपको आंदोलन से जुड़ी संस्थाओं के साथ भी कार्य कर चुके हैं तथा वर्तमान में दूरदर्शन चमोली संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।

जेपी मैठाणी (आगाज फाउंडेशन) पिछले 25 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण, आजीविका संवर्धन और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।

देवाल विकासखंड के हीरा सिंह बिष्ट होमस्टे मॉडल के माध्यम से ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं और उन्हें कई राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार मिल चुके हैं।

रुद्रप्रयाग की रंजना रावत वैकल्पिक रोजगार और आजीविका सृजन के क्षेत्र में कार्यरत हैं और उनके प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिली है।

इसके अतिरिक्त संस्थागत सम्मान स्टेप नई दिल्ली को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में योगदान हेतु प्रदान किया जाएगा, जबकि प्रतिभा सम्मान श्रेणी में कार्तिक तिवारी, दिगंबर कुंवर, हरशु चौहान एवं रोहित चौहान सहित अन्य युवाओं का चयन किया गया है।

समिति ने कहा कि सभी चयनित व्यक्तित्वों ने उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और सतत विकास की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

Leave a Comment