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अभ्युदय स्टोन क्रेशर पर मानकों की अनदेखी के आरोप, एनजीटी नियमों के उल्लंघन की जांच की उठी मांग

थराली: सिमली–ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुनला स्थित अभ्युदय स्टोन क्रेशर पर मानकों की अनदेखी और पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पूर्व प्रधान खिलाफ सिंह बिष्ट और सामाजिक कार्यकर्ता नैन सिंह खत्री ने जिलाधिकारी चमोली, गढ़वाल आयुक्त, मुख्यमंत्री के निजी सचिव, उप जिलाधिकारी थराली और खनन अधिकारी गोपेश्वर को पत्र भेजकर मामले की जांच की मांग की है।

आरोप है कि क्रेशर से निकलने वाली धूल से आसपास के गांवों में लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। खासकर बुजुर्ग और बच्चे बीमारियों से प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही खेती-किसानी और पशुओं के चारे व पेड़ों पर धूल जमने से भारी नुकसान हो रहा है।

स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि आरबीएम की धुलाई का गंदा पानी सीधे पिंडर नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है और जलीय जीवों पर असर पड़ रहा है।

इसके अलावा कुलसारी बगड़ में आरबीएम का भंडारण लगभग 7 से 8 मीटर ऊंचाई तक किया गया है, जो मानकों के अनुरूप नहीं बताया जा रहा है। आरोप यह भी है कि यह भंडारण आधा नाप भूमि और आधा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर किया गया है तथा यहां निर्धारित क्षमता से अधिक सामग्री रखी गई है।

स्थानीय प्रतिनिधियों ने यह भी शिकायत की है कि क्रेशर परिसर में सीसीटीवी कैमरे, धर्म कांटा और पानी के छिड़काव के लिए टैंक जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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