उत्तरकाशी: उत्तरकाशी के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई महिला ट्रेकर का 10 दिन बीत जाने के बाद भी कोई पता नहीं चल सका है। लगातार चल रहा खोज एवं बचाव अभियान अब तक किसी भी तरह की सफलता हासिल नहीं कर पाया है, जिससे परिजनों और प्रशासन की चिंता बढ़ती जा रही है।
लापता महिला ट्रेकर की तलाश के लिए पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी के निर्देशन में व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अभियान में पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, वन विभाग, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, आपदा प्रबंधन की क्यूआरटी, एसओजी, स्थानीय ग्रामीण और अनुभवी गाइड सहित 120 से अधिक सदस्य शामिल हैं।

खोज अभियान को प्रभावी बनाने के लिए तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो विभिन्न मार्गों से तलाशी कर रही हैं। ये टीमें ट्रेक रूट, घने जंगलों, खाइयों, गदेरों, झाड़ियों और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही हैं।
इसके अलावा आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन टीमों को भी सर्च ऑपरेशन में लगाया गया है, ताकि दुर्गम और ऊँचाई वाले क्षेत्रों में भी निगरानी की जा सके। स्वान (डॉग स्क्वॉड) की मदद से भी कई स्थानों पर तलाशी की गई, लेकिन अब तक कोई महत्वपूर्ण सुराग हाथ नहीं लगा है।
लगातार दस दिनों से चल रहे इस बड़े पैमाने के अभियान के बावजूद परिणाम शून्य रहने से प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं, स्थानीय लोग भी लापता ट्रेकर की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।
