एमएसपी गारंटी, किसानों की आय और मजदूरों के अधिकारों पर हुई व्यापक चर्चा, सरकार से ठोस नीतियों की मांग
हरिद्वार: हरिद्वार में आयोजित चार दिवसीय किसान-मजदूर महाकुंभ के दूसरे दिन देशभर से आए किसानों और मजदूरों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। 15 से 18 जून तक चलने वाले इस आयोजन में किसानों की समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की जा रही है।
महाकुंभ में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि आज भी किसान लाभकारी मूल्य, बढ़ती लागत, सिंचाई, बिजली और कर्ज जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
टिकैत ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए सरकार को कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं को खेती से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने पर भी जोर दिया।
महाकुंभ के दौरान आयोजित विचार गोष्ठियों में एमएसपी की कानूनी गारंटी, कृषि सुधार, किसानों की आय बढ़ाने और मजदूरों के अधिकार जैसे मुद्दों पर गंभीर मंथन हुआ। विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं मंच पर रखीं और समाधान के सुझाव दिए।
कार्यक्रम स्थल पर पूरे दिन भारी भीड़ बनी रही और किसानों-मजदूरों में उत्साह देखने को मिला। आयोजन में शामिल सभी प्रतिनिधियों ने किसान एकता को समय की जरूरत बताया।
चार दिवसीय यह महाकुंभ आने वाले दिनों में भी विभिन्न सत्रों और चर्चाओं के साथ जारी रहेगा, जिसमें किसान हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आने की उम्मीद है।
