अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में बोले मुख्यमंत्री, राकेश बेदी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से किया सम्मानित
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून में आयोजित अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता राकेश बेदी को अमर उजाला लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया तथा अमर उजाला उत्तराखण्ड एचीवर्स विशेषांक का विमोचन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार विरासत और विकास को समान रूप से आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में ग्रॉस एनवायरमेंट प्रोडक्ट (जीईपी) के आंकलन की व्यवस्था शुरू की गई है और सरकार इकोलॉजी, इकोनॉमी तथा टेक्नोलॉजी के समन्वय के साथ आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा आस्था और श्रद्धा की यात्रा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में भव्य निर्माण कार्य किए जा रहे हैं तथा ऑल वेदर रोड परियोजना से यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम हुई है। उन्होंने बताया कि 19 अप्रैल से शुरू हुई इस वर्ष की चारधाम यात्रा में अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र आदि कैलाश में पहले जहां केवल 400 से 500 श्रद्धालु पहुंचते थे, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 45 हजार तक पहुंच गई है। साथ ही अब श्रद्धालु शीतकालीन यात्रा के लिए भी उत्तराखण्ड का रुख कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प देवभूमि के मूल स्वरूप को बनाए रखना है और आस्था के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित उत्तराखण्ड का निर्माण करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में किए गए वादे को पूरा करते हुए राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड में यूसीसी लागू किया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बीते चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिससे युवाओं का विश्वास बढ़ा है। साथ ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और होमस्टे योजना के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है।
