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मोहर्रम को लेकर रुड़की में शांति समिति की बैठक, नई परंपराओं और आपत्तिजनक पोस्ट पर रोक

रुड़की: आगामी मोहर्रम पर्व के मद्देनजर गंग नहर कोतवाली में पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) सुश्री ओशिन जोशी की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर क्षेत्र के विभिन्न मुस्लिम समुदायों के अखाड़ों के खलीफा एवं पदाधिकारी शामिल हुए। इस दौरान मोहर्रम के जुलूसों, अखाड़ों की सुरक्षा व्यवस्था तथा कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

सीओ ओशिन जोशी ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम के दौरान कोई नई परंपरा, नया मार्ग अथवा नया जुलूस प्रारंभ नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, भड़काऊ अथवा अशोभनीय सामग्री पोस्ट करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सभी त्योहार शांति, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देते हैं। मोहर्रम के अवसर पर भी सभी लोगों को शालीनता एवं साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखते हुए इस बलिदान दिवस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना चाहिए।

बैठक में विभिन्न अखाड़ों के खलीफाओं ने 10 मोहर्रम के दिन यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा बाजार क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की मांग रखी। वहीं शिया समुदाय के प्रतिनिधियों ने पूर्व वर्षों की भांति मातमी जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकालने का भरोसा दिलाया।

कोतवाली प्रभारी मणि भूषण श्रीवास्तव ने कहा कि अखाड़ों के खलीफा यह सुनिश्चित करें कि कोई असामाजिक तत्व जुलूस में शामिल होकर उपद्रव या अफवाह फैलाने का प्रयास न करे। वहीं सिविल लाइन कोतवाली के एसएसआई धर्मेंद्र राठी ने कहा कि पुलिस विशेष निगरानी रखेगी ताकि जुलूस में शामिल कोई भी युवक नशे की हालत में हुड़दंगबाजी न कर सके।

संयुक्त मुस्लिम अखाड़ा परिषद के संरक्षक एवं अंतरराष्ट्रीय शायर अफजल मंगलोरी ने कहा कि रुड़की की पहचान आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए है। यहां मोहर्रम, रामलीला, कांवड़ यात्रा, ईद और होली जैसे सभी पर्व विभिन्न समुदायों के लोग मिल-जुलकर प्रेम और सम्मान के साथ मनाते हैं।

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