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आंधी- तूफान से गौचर में काली कमली धर्मशाला की छत उड़ कर गिरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर

चमोली: चमोली के नगरपालिका क्षेत्र गौचर में बीती रात आए भीषण आंधी-तूफान के कारण काली कमली धर्मशाला की टिन की छत उड़कर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जा गिरी। घटना रात करीब डेढ़ बजे की बताई जा रही है। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और बड़ा हादसा टल गया।

सुबह जब स्थानीय लोग और राहगीर मार्ग से गुजर रहे थे, तब सड़क पर फैली टिन की चादरों को काली कमली धर्मशाला के चौकीदार एवं स्थानीय चाय दुकानदार भूपेन्द्र नेगी की मदद से मजदूर लगवाकर हटवाया गया। इसके बाद इसकी सूचना धर्मशाला प्रबंधन को दे दी गई।

बताया जा रहा है कि वर्ष 1946 में निर्मित यह काली कमली धर्मशाला लंबे समय से जर्जर हालत में है। इसके रखरखाव और जीर्णोद्धार को लेकर समय-समय पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों द्वारा मांग उठती रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह भवन पिछले लगभग 30 वर्षों से अनुपयोगी और बंद अवस्था में पड़ा है और अब खंडहरनुमा स्थिति में पहुंच चुका है। इससे न केवल नगर की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि जनसुरक्षा के लिहाज से भी यह गंभीर खतरा बन गया है।

नगरपालिका अध्यक्ष संदीप नेगी ने भी बाबा काली कमली धर्मशाला प्रबंधन को पत्र लिखकर भवन की दयनीय स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि यदि संस्था द्वारा इसका जीर्णोद्धार नहीं किया जाता है, तो नगरपालिका परिषद इस स्थान के पुनर्विकास की दिशा में कदम उठा सकती है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं सहित जनोपयोगी भवन और पार्किंग व्यवस्था विकसित करने की योजना शामिल है।

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