देहरादून: उत्तराखंड में बिजली की मांग बढ़ने और उपलब्धता घटने से बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। जलस्तर कम होने से यूजेवीएनएल का उत्पादन प्रभावित हुआ है, जबकि केंद्रीय पूल से भी अपेक्षित बिजली नहीं मिल पा रही है। इसके चलते पीक टाइम में बाजार से ₹10 प्रति यूनिट की दर पर भी बिजली उपलब्ध नहीं हो रही है।
यूपीसीएल के एमडी पीसी ध्यानी ने बताया कि केंद्र सरकार से गैर-आवंटित कोटे से अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। मांग पूरी करने के लिए गैस आधारित पावर प्लांट भी चलाया गया है, लेकिन इसमें फिलहाल पांच दिन का गैस बैकअप है।
एमडी के अनुसार, देश के कई राज्यों में बिजली की कमी का असर है। उत्तराखंड में फिलहाल सीमित कटौती की जा रही है और बिजली चोरी वाले क्षेत्रों में कटौती को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बिजली लाइनों के रखरखाव का काम रोस्टिंग के दौरान ही किया जाए।
उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा उपलब्ध रहने के समय हाइड्रो पावर को बैकअप के तौर पर रखने के लिए यूजेवीएनएल से अनुरोध किया गया है। इससे करीब 2 घंटे 30 मिनट का अतिरिक्त बैकअप मिल सकता है और बिजली कटौती को सीमित रखने में मदद मिलेगी।
