रुद्रप्रयाग: लगातार बारिश और पैदल मार्ग बाधित होने के कारण तीन दिनों से रुकी केदारनाथ धाम यात्रा मंगलवार को फिर शुरू हो गई। यात्रा मार्ग खुलते ही सोनप्रयाग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। लंबे इंतजार के बाद बाबा केदार के दर्शन के लिए यात्रियों ने पैदल धाम की ओर रुख किया। पूरे सोनप्रयाग में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे।
तीन दिनों से सोनप्रयाग में रुके हजारों श्रद्धालु यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। मार्ग खुलने के बाद प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यात्रियों को एक साथ रवाना करने के बजाय चरणबद्ध और जत्थों में आगे भेजा। इसके बावजूद सोनप्रयाग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और लंबी कतारें देखने को मिलीं।
कंधों पर सामान और आंखों में बाबा केदार के दर्शन की उम्मीद लिए श्रद्धालु बारिश और मुश्किल रास्ते के बीच आगे बढ़ते नजर आए। यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं, जिसके चलते प्रशासन की ओर से यात्रियों की आवाजाही पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
अभी भी संवेदनशील है पैदल मार्ग
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के अनुसार, केदारनाथ पैदल मार्ग अभी भी सुरक्षित स्थिति में नहीं है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन सतर्कता के साथ आवाजाही करा रहा है। अधिकारियों की निगरानी में श्रद्धालुओं को आगे भेजा जा रहा है, ताकि जोखिम को कम किया जा सके।
घोड़े-खच्चरों के संचालन को लेकर नाराजगी
वहीं, गौरीकुंड में घोड़े-खच्चर संचालकों में नाराजगी देखने को मिली। पैदल यात्रा शुरू होने के बावजूद घोड़े-खच्चरों को मार्ग पर आगे जाने की अनुमति नहीं मिलने से संचालकों में असंतोष है। उनका कहना है कि इससे उनके रोजगार और रोजमर्रा की आजीविका पर असर पड़ रहा है।
तीन दिनों के ठहराव के बाद यात्रा दोबारा शुरू होने से श्रद्धालुओं में उत्साह है, लेकिन बड़ी संख्या में यात्रियों की मौजूदगी और संवेदनशील पैदल मार्ग ने प्रशासन के सामने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की चुनौती भी बढ़ा दी है।
