चमोली: जिले की दूरस्थ निजमूला घाटी में बिजली का बकाया भुगतान नहीं होने के चलते BSNL मोबाइल टावर का विद्युत कनेक्शन काट दिया गया। कनेक्शन कटने के बाद घाटी की करीब 15 ग्राम सभाओं में मोबाइल नेटवर्क प्रभावित हो गया है। नेटवर्क ठप होने से ग्रामीणों को फोन कॉल, इंटरनेट और अन्य जरूरी संचार सेवाओं के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि BSNL के टावर पर बिजली बिल का करीब 10.07 लाख रुपये बकाया है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के बाद विद्युत विभाग की ओर से कनेक्शन काटने की कार्रवाई की गई। टावर बंद होने से निजमूला घाटी के कई गांवों में मोबाइल सेवाएं बाधित हो गई हैं।
कई सालों से 10.07 लाख रुपए बकाया: विद्युत विभाग के जेई दीपक राणा के मुताबिक, बीएसएनएल पर 10.7 लाख रुपए से ज्यादा का बिजली बिल बकाया है. जिसके लिए कई बार सूचना दी गई, लेकिन बिल नहीं भरा गया. यह कार्रवाई उच्चाधिकारियों के निर्देश पर किया गया है. उन्होंने कहा कि,
“बीएसएनएल पर कई सालों से करीब 10 लाख 7 हजार 280 रुपए का बिजली बिल बकाया चल रहा था. विभाग की ओर से बीएसएनएल को कई बार बकाया बिल जमा करने के लिए सूचित किया गया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ. इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बीएसएनएल मोबाइल टावर का विद्युत कनेक्शन काट दिया गया.“- दीपक राणा, जेई, विद्युत विभाग
एकमात्र संचार माध्यम प्रभावित
निजमूला घाटी के दूरस्थ क्षेत्रों में BSNL का मोबाइल टावर स्थानीय लोगों के लिए संचार का प्रमुख माध्यम बताया जा रहा है। ऐसे में टावर की बिजली कटने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होने के कारण सामान्य फोन कॉल के साथ-साथ इंटरनेट आधारित सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण संचार सुविधा उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। नेटवर्क बंद होने से आपात स्थिति में संपर्क करना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
बिजली बिल के भुगतान को लेकर उठे सवाल
मामले के बाद सरकारी विभागों के बीच बिजली बिल के भुगतान की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आम उपभोक्ता द्वारा समय पर बिजली बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाती है, ऐसे में BSNL का बकाया लंबे समय तक लंबित रहने को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है।
BSNL ने जताई आपत्ति
टावर का बिजली कनेक्शन काटे जाने की कार्रवाई पर BSNL की ओर से भी आपत्ति जताई गई है। BSNL के SDO राजेश सैनी के अनुसार, बिना बिल उपलब्ध कराए ही कनेक्शन काट दिया गया, जिसके चलते क्षेत्र की संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है।
“विद्युत विभाग की ओर से बिल उपलब्ध कराए बिना ही कनेक्शन काट दिया गया, जो उचित नहीं है. टावर की बिजली कटने से पूरे क्षेत्र की संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है.“- राजेश सैनी, एसडीओ, बीएसएनएल
एक टावर बंद और 15 ग्राम सभाएं नेटवर्क से बाहर: वहीं, एक टावर बंद होने से 15 ग्राम सभाएं नेटवर्क से बाहर हो गए. फोन से नेटवर्क गायब होने से फोन महज शोपीस बन गए हैं. फोन अब गाना सुनने और फोटो खींचने तक सीमित हो गए हैं. जिसे लेकर ब्यारा के पूर्व प्रधान बृजलाल ने ग्रामीणों की समस्या को रखा है. उन्होंने कहा कि,
“निजमूला घाटी में बीएसएनएल का यही एकमात्र मोबाइल टावर है. इसके बंद होने से करीब 15 ग्राम सभाओं के ग्रामीण मोबाइल नेटवर्क से कट गए हैं. बाहरी क्षेत्रों में रहने वाले परिजनों से संपर्क करने में परेशानी हो रही है. वहीं, आपात स्थिति में फोन नहीं लग पाने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.“- बृजलाल, पूर्व प्रधान, ब्यारा
विद्युत विभाग और बीएसएनएल मिलकर निकले मामले का समाधान: पूरे मामले में बीजेपी नेता बीरेंद्र फर्स्वाण ने विद्युत विभाग और बीएसएनएल से मामले का समाधान करने की मांग की है. ताकि, ग्रामीणों को परेशानियों का सामना न करना पड़े. उन्होंने कहा कि,
“विद्युत विभाग और बीएसएनएल से मामले का जल्द समाधान कर टावर की बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की गई है. दूरस्थ क्षेत्र में संचार व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है. विभागों के बीच जो भी मामला है, उसका जल्द समाधान होना चाहिए. ताकि, ग्रामीणों को संचार सुविधा से वंचित न रहना पड़े.“- बीरेंद्र फर्स्वाण, बीजेपी नेता
