चमोली में बड़ा सड़क हादसा टला, सेना की बस पलटी, सभी जवान सुरक्षित, कुछ घायल
चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले से बुधवार सुबह एक सड़क हादसे की खबर सामने आई, जहां बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर सेना के जवानों को लेकर जा रही एक बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। यह दुर्घटना चमोली जिले के सोनल क्षेत्र के पास हुई। गनीमत रही कि चालक की सूझबूझ और स्थानीय लोगों की तत्परता से हादसे ने बड़ा रूप नहीं लिया और सभी जवानों की जान बच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेना के जवानों से भरी यह बस जोशीमठ से रायवाला की ओर जा रही थी। सुबह जैसे ही बस सोनल के समीप पहुंची, अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसा इतना तेज था कि बस का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया, लेकिन चालक ने अंतिम क्षण में बस को खाई की ओर गिरने से बचाते हुए पहाड़ी की ओर मोड़ दिया। पहाड़ी की दूसरी ओर गहरी खाई थी और अगर बस उसमें गिरती, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।

इस दुर्घटना में कुछ जवानों को हल्की चोटें आई हैं। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। पुलिस टीम के मौके पर पहुंचते ही रेस्क्यू कार्य शुरू किया गया। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी जवानों को बस से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जिन जवानों को चोटें आई थीं, उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा की मदद से उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
उत्तराखंड विशेष रूप से चमोली जैसे जिलों में सड़क मार्गों की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है। पहाड़ी क्षेत्रों में एक ओर ऊंचे पहाड़ हैं तो दूसरी ओर गहरी खाइयां और नदियां। बारिश के मौसम में यहां की सड़कों पर भूस्खलन और फिसलन आम समस्या बन जाती है। इस समय राज्य में लगातार बारिश हो रही है, जिससे सड़कें और अधिक जोखिम भरी हो गई हैं। ऐसे में मामूली सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

स्थानीय प्रशासन ने हादसे के बाद मौके का निरीक्षण किया और यात्रियों व स्थानीय वाहन चालकों से अपील की है कि वे पहाड़ी मार्गों पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं, विशेषकर बारिश के दिनों में। साथ ही खराब मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
यह घटना एक बार फिर उत्तराखंड में बेहतर सड़क सुरक्षा और समय रहते इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार की जरूरत को सामने लाती है। सौभाग्य से इस बार सभी जवान सुरक्षित हैं, लेकिन यह चेतावनी है कि यदि समय रहते ध्यान न दिया गया, तो भविष्य में ऐसे हादसे जानलेवा साबित हो सकते हैं।
