रांची: हिजाब को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक नए विवाद में घिर गए हैं। रांची जिले के सामाजिक कार्यकर्ता मुर्तुजा आलम ने मुख्यमंत्री के खिलाफ थाना में आवेदन देकर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। आरोप है कि एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने मंच पर मौजूद एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का बिना सहमति हिजाब हटाया, जिससे उसकी धार्मिक आस्था, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और गरिमा का उल्लंघन हुआ।
शिकायतकर्ता मुर्तुजा आलम के अनुसार, यह घटना बिहार सरकार के एक सार्वजनिक कार्यक्रम की है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मुख्यमंत्री मंच पर अपने पास बैठी महिला डॉक्टर का हिजाब हटाते नजर आ रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि हिजाब केवल एक पहनावा नहीं, बल्कि मुस्लिम महिलाओं की धार्मिक पहचान, आस्था और आत्मसम्मान से जुड़ा विषय है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि बिना अनुमति किसी महिला का घूंघट या हिजाब हटाना उसकी शारीरिक और मानसिक स्वायत्तता का हनन है। शिकायतकर्ता ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 25 का हवाला देते हुए इसे समानता, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन बताया है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस कथित घटना से मुस्लिम समुदाय, विशेषकर महिलाओं की भावनाएं आहत हुई हैं और इससे सामाजिक सौहार्द व सार्वजनिक शांति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला निजी न रहकर सार्वजनिक बहस का विषय बन गया है, जिससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई गई है।

सामाजिक कार्यकर्ता मुर्तुजा आलम ने रांची के इटकी थाना प्रभारी को दिए आवेदन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोष सिद्ध होने की स्थिति में गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई है।

