नई दिल्ली : मध्य पूर्व में ईरान और इज़रायल के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए ‘ऑपरेशन सिंधु’ की शुरुआत की है। इस अभियान के पहले चरण में 110 भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालकर स्वदेश वापस लाया गया है।
इन छात्रों को पहले ईरान से आर्मेनिया पहुंचाया गया, और फिर विशेष चार्टर्ड फ्लाइट के माध्यम से गुरुवार रात 3:43 बजे नई दिल्ली लाया गया। लौटे हुए छात्रों में 94 छात्र जम्मू-कश्मीर से हैं, जबकि शेष 16 छात्र देश के अन्य राज्यों से हैं। इस समूह में 54 छात्राएं भी शामिल थीं। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने एयरपोर्ट पर छात्रों का स्वागत किया और उनका हालचाल जाना।

ईरान से लौटे छात्र यासिर गफ्फार ने अनुभव साझा करते हुए कहा, “हमने मिसाइलों को आसमान में उड़ते देखा और रात में धमाकों की आवाजें सुनीं। भारत लौटकर सुकून मिला है। जब हालात सामान्य होंगे, हम फिर से पढ़ाई के लिए लौटेंगे।”
वहीं छात्रा ग़ज़ल ने कहा, “भारतीय दूतावास ने हमारे साथ बहुत अच्छा व्यवहार किया। हम उनके बेहद आभारी हैं।”
इस बीच, ईरान-इज़रायल संघर्ष ने और विकराल रूप ले लिया है। बुधवार को इज़रायल ने तेहरान और कराज में स्थित न्यूक्लियर संयंत्रों व सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। सूत्रों के अनुसार, 50 से अधिक इज़रायली फाइटर जेट्स ने इन ठिकानों को निशाना बनाया।
भारत सरकार ने ईरान में रह रहे नागरिकों से संयम बनाए रखने और दूतावास के संपर्क में रहने की अपील की है। विदेश मंत्रालय की ओर से विशेष हेल्पलाइन और नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं, ताकि हर नागरिक को समय पर सहायता मिल सके।

