कोपा सुदामेरिकाना में ऐतिहासिक उपलब्धि
क्रिस्टियानो रोनाल्डो तीसरे स्थान पर
फ्लूमिनेंस और दर्शकों ने मनाया जश्न
तीन दशकों का करियर और अब तक 1391 मैच
नई दिल्ली: ब्राजीलियाई गोलकीपर फैबियो ने मंगलवार को इतिहास रच दिया। फ्लूमिनेंस की ओर से खेलते हुए उन्होंने कोलंबिया के अमेरिका डे कैली के खिलाफ कोपा सुदामेरिकाना मुकाबले में मैदान पर उतरकर अपने करियर का 1391वां पेशेवर मैच खेला। इस मैच में फ्लूमिनेंस ने 2-0 की जीत दर्ज की और फैबियो ने क्लीन शीट रखते हुए यह ऐतिहासिक दिन और भी खास बना दिया।
इस उपलब्धि के साथ फैबियो ने इंग्लैंड के महान गोलकीपर पीटर शिल्टन को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने अपने करियर में 1390 मैच खेले थे। हालांकि फीफा और कॉनमेबोल ने अभी तक इस रिकॉर्ड को आधिकारिक मान्यता नहीं दी है, लेकिन ब्राजीलियाई मीडिया और फ्लूमिनेंस क्लब ने उन्हें पहले ही “फुटबॉल का नया बादशाह” घोषित कर दिया है।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो तीसरे स्थान पर
पुरुष फुटबॉल में सर्वाधिक मैच खेलने की सूची में पुर्तगाली दिग्गज क्रिस्टियानो रोनाल्डो तीसरे नंबर पर हैं। उन्होंने अब तक 1283 मैच खेले हैं, जिनमें स्पोर्टिंग लिस्बन, मैनचेस्टर यूनाइटेड, रियल मैड्रिड, जुवेंटस और अल नासर के कार्यकाल शामिल हैं।
दर्शकों का सम्मान और कोच की प्रशंसा
रिकॉर्ड बनाने के बाद घरेलू दर्शकों ने जोरदार तालियों और नारों के साथ फैबियो का स्वागत किया। स्टेडियम में गूंज उठा – “फैबियो ब्राजील के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर हैं।”
फ्लूमिनेंस के कोच रेनाटो गाउचो ने उनकी पेशेवरता और फिटनेस की सराहना करते हुए कहा, “कोई भी बिना अनुशासन और समर्पण के इतने मैच नहीं खेल सकता। फैबियो लंबे समय तक खेलते रहेंगे और उनका रिकॉर्ड तोड़ना बेहद मुश्किल होगा।”
तीन दशकों का करियर
44 वर्षीय फैबियो का करियर तीन दशकों तक फैला है और उन्होंने अपना सारा फुटबॉल ब्राजील में ही खेला। उन्होंने 1997 में यूनियाओ बांडीरांटे से शुरुआत की। इसके बाद वे वास्को दा गामा के लिए 150 मैच खेले। 2005 से 2022 तक उनका सफर क्रूजेरो के साथ रहा, जहां उन्होंने रिकॉर्ड 976 मैच खेले।
2022 में वे फ्लूमिनेंस से जुड़े और अब तक क्लब के लिए 235 मैच खेल चुके हैं। 2023 में उन्होंने टीम को कोपा लिबर्टाडोरेस जिताने और क्लब विश्व कप के सेमीफाइनल तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई।
फैबियो की यह उपलब्धि सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि ब्राजीलियाई फुटबॉल के लिए गौरव का क्षण है। उनके खेल जीवन ने यह साबित कर दिया है कि लगन और अनुशासन से खेल जगत में किसी भी शिखर को छुआ जा सकता है।
