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मोहनलाल को मिला दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, भारतीय सिनेमा के ‘द कंप्लीट एक्टर’ बने मलयालम इंडस्ट्री के दूसरे कलाकार

नई दिल्ली: दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भारतीय सिनेमा के मशहूर अभिनेता मोहनलाल को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें भारतीय सिनेमा में चार दशकों से अधिक लंबे और शानदार करियर, विभिन्न भाषाओं में उनके बेजोड़ अभिनय और दर्शकों पर छोड़ी गई गहरी छाप के लिए दिया गया है।

मोहनलाल इस प्रतिष्ठित सम्मान को पाने वाले दूसरे मलयालम अभिनेता बन गए हैं। उन्हें भारतीय सिनेमा में ‘द कंप्लीट एक्टर’ के रूप में जाना जाता है। अब तक वह 350 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके हैं और देश के सबसे सम्मानित अभिनेताओं में शुमार हैं।

समारोह में सम्मान ग्रहण करते हुए मोहनलाल ने कहा कि यह पुरस्कार केवल उनका नहीं, बल्कि उनके साथ इस सफर में जुड़े परिवार, सहकर्मियों, दोस्तों और दर्शकों का है। उन्होंने केरल और दुनिया भर के दर्शकों का आभार जताया जिन्होंने मलयालम सिनेमा की कहानियों और कलाकारों को आगे बढ़ाया।

मोहनलाल ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर लिखा, “दादासाहेब फाल्के पुरस्कार पाकर मैं सचमुच सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह सम्मान मेरा नहीं, बल्कि उन सभी का है जिन्होंने मेरे सफर में साथ दिया। आपका प्यार, विश्वास और प्रोत्साहन ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि वह इस सम्मान को पूरे दिल से स्वीकार करते हैं और वादा किया कि वह अपनी सिनेमाई यात्रा को नई ईमानदारी, जुनून और उद्देश्य के साथ जारी रखेंगे।

दादासाहेब पुरस्कार हासिल करने वाले पहले मलयालम हस्ती

मोहनलाल दादासाहेब पुरस्कार हासिल करने वाले दूसरे मलयालम सितारे हैं. उनसे पहले दिग्गज फिल्म निर्माता अदूर गोपालकृष्णन ने दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्राप्त किया था. अदूर गोपालकृष्णन को 2004 में यह पुरस्कार मिला. यह पहली बार था जब किसी मलयालम कलाकार को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया था. अदूर गोपालकृष्णन की एलिप्पथायम, मुखामुखम, मतिलुकल और निजालकुथु जैसी फिल्मों ने मलयालम सिनेमा के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रशंसा हासिल की.

बता दें, मोहनलाल और अदूर गोपालकृष्णन दोनों ही पथानामथिट्टा जिले से हैं, जो केरल की समृद्ध सिनेमाई विरासत के प्रतीक है. एक अपने यादगार अभिनय के माध्यम से, तो दूसरा अपने नए-नए निर्देशन के माध्यम से लोगों का दिल जीता है. उनकी यह कला केरल की कलात्मक उत्कृष्टता को दर्शाते हैं.

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