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कश्मीर की मेलोडी क्वीन की कहानी “सॉन्ग्स ऑफ पैराडाइज” का ट्रेलर हुआ रिलीज, कश्मीर की मेलोडी क्वीन नूर बेगम की संघर्षगाथा

Songs of Paradise Trailer out: फिल्म “सॉन्ग्स ऑफ पैराडाइज” का ट्रेलर सोमवार को रिलीज़ कर दिया गया। इस फिल्म की कहानी कश्मीर की पहली महिला सिंगर नूर बेगम (राज बेगम) की जिंदगी पर आधारित है। राज बेगम को उनके योगदान के लिए पद्मश्री से नवाज़ा गया था और उन्हें कश्मीर की ‘मेलोडी क्वीन’ कहा जाता है। फिल्म का निर्देशन दानिश रेन्जू ने किया है और यह 29 अगस्त से प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगी।

सोनी राजदान और सबा आजाद लीड रोल में

फिल्म में नूर बेगम की अलग-अलग उम्र के किरदार को दो अभिनेत्रियों ने निभाया है। सोनी राजदान ने नूर बेगम के वृद्ध रूप को स्क्रीन पर उतारा है, जबकि सबा आजाद ने उनके युवा दिनों की भूमिका निभाई है।
ट्रेलर की शुरुआत में एक शख्स नूर बेगम (सोनी राजदान) से पूछता है – “आपकी कहानी क्यों सुनाई जाए?” इस पर वह जवाब देती हैं – “मेरी कहानी का क्या करोगे?” लेकिन उन्हें जवाब मिलता है – “आपकी कहानी लोगों तक पहुंचाना ज़रूरी है।” यहीं से फिल्म का सफर शुरू होता है।

गाने के जुनून ने तोड़ी पाबंदियाँ

फिल्म के ट्रेलर में साफ दिखता है कि वह दौर कश्मीर में महिलाओं के लिए बेहद कठिन था। उस समय उन्हें गाना गाने की इजाजत नहीं थी।
राज बेगम (सबा आजाद) की मां चाहती हैं कि उनकी बेटी जल्दी शादी कर ले ताकि समाज की ‘बला’ टल सके। लेकिन राज कहती हैं – “खुदा ने औरतों को सिर्फ शादी करने के लिए जमीन पर नहीं भेजा है।”
उनकी आंखों में एक सपना था – गायिका बनने का। उन्हें इस सपने को पूरा करने का हौसला उनके उस्ताद से मिला, जिन्होंने कहा – “अगर तुम मेहनत करने को तैयार हो, तो मैं सिखाने को तैयार हूं।

विरोध और रिजेक्शन से गुज़री नूर बेगम

राज बेगम का सफर आसान नहीं था। उन्हें हर जगह विरोध और रिजेक्शन का सामना करना पड़ा।
जब वह स्टेज पर गातीं तो अपना असली नाम तक नहीं बता पाती थीं। तभी उन्हें नाम दिया गया – ‘नूर बेगम’।
परिवार और समाज से दबाव इतना बढ़ गया कि राज को खुद भी लगने लगा कि कहीं वह गलत तो नहीं कर रहीं। तब उनके उस्ताद ने कहा – “अब कुछ नहीं करोगी तो गलत करोगी। तुम्हारी आवाज़ कैद नहीं रह सकती।

मेहनत और लगन से बनी कश्मीर की ‘मेलोडी क्वीन’

संघर्ष और मेहनत के बाद राज बेगम ने आखिरकार कश्मीर और पूरे देश को अपनी आवाज़ से मोह लिया। उनकी गायकी ने उन्हें शोहरत, सम्मान और नाम दिलाया। राज बेगम ने साबित कर दिया कि औरत सिर्फ घर तक सीमित नहीं, बल्कि मंच पर भी अपनी पहचान बना सकती है। उनका सफर सिर्फ एक गायिका का नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण की मिसाल है।

फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। खासकर वे लोग जो कश्मीरी संस्कृति और संगीत से जुड़े हैं, उन्हें इस फिल्म का बेसब्री से इंतज़ार है। सोनी राजदान और सबा आजाद के अभिनय की भी सोशल मीडिया पर काफी तारीफ हो रही है।  “सॉन्ग्स ऑफ पैराडाइज” 29 अगस्त से अमेज़न प्राइम वीडियो पर रिलीज़ होगी। यह फिल्म न सिर्फ कश्मीर के संगीत इतिहास को दिखाती है बल्कि उस संघर्ष को भी उजागर करती है, जिसमें एक महिला ने समाज की जंजीरों को तोड़कर अपनी आवाज़ से दुनिया को जीत लिया।

यह फिल्म सिर्फ एक बायोपिक नहीं, बल्कि संघर्ष, हिम्मत और जुनून की प्रेरणादायक कहानी है, जिसे हर संगीत प्रेमी को देखना चाहिए।

 

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