- काश्तकारों ने लगाया रेलवे विकास निगम के अधिकारियों पर सिर्फ अपने चहेतों को रोजगार देने के आरोप
ऋषिकेश| कर्णप्रयाग रेल परियोजना(Karnaprayag railway project) से काश्तकारों और रेलवे विकास निगम के अधिकारियों में टकराव की स्थिति बन गई है. प्रभावित काश्तकारों ने गुरुवार को गौचर में रेलवे विकास निगम के अधिकारियों का घेराव किया. स्थानीय लोगो की मांग है कि रेल प्रभावित काश्तकारों को रेल परियोजना में रोजगार दिया जाय, लोगो को न अभी भूमि का मुआवजा पूरा मिल पाया है और न ही इस परियोजना से कोई लाभ.
लोगों के अनुसार देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) का कहना है कि 2024 तक उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों को रेल से जोड़ दिया जाएगा, ताकि यहां का समुचित विकास हो सके , लेकिन रेल परियोजना शुरू होने से पहले ही लोगो मे असंतोष व रेलवे के अधिकारियों से नाराजगी इस बात को लेकर है कि रेल परियोजना में किसी भी बेरोजगार युवा को रोजगार नही दिया जा रहा है. जिससे नाराज रेलवे प्रभावित संघर्ष समिति ने रेल विकास बोर्ड(Railway Development board) के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है. धरना स्थल के आगे से अपने वाहन द्वारा जा रहे रेलवे के अधिकारियों का स्थानीय लोगो ने कई देर तक घेराव किया. बाद में पुलिस की मौजूदगी में रेलवे के अधिकारी धरना स्थल पर प्रभावितों के बीच वार्ता के लिए पहुचे. इस दौरान रेलवे प्रभावितों ने उन्हें खूब खरी खोटी सुनाई .
लोगो का कहना है कि रेलवे अधिकारियों की मिली भगत के चलते अपने चहेते लोगो को रोजगार दिया जा रहा है और बिना सिफारिश के लोगो को रोजगार नही दिया जा रहा है. जब इस पूरे मामले को लेकर हमने रेलवे के अधिकारियों से पूछना चाहा तो रेलवे के अधिकारियों ने कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया और मीडिया के कैमरे से बचते दिखे.
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