चमोली: आकाश सारस्वत ने कहा कि शराब समाज के लिए जहर के समान है, जो केवल शरीर ही नहीं बल्कि व्यक्ति की आत्मा का भी नाश कर देती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर समाज को नशामुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने यह बातें राजकीय इंटर कॉलेज केदारुखाल की प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए कही। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को समय पालन, स्वअनुशासन, स्वाध्याय, प्रेम, सच्चरित्र जीवन और नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया।
शनिवार को शैक्षिक निरीक्षण अभियान के तहत मुख्य शिक्षा अधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज केदारुखाल, राजकीय जूनियर हाईस्कूल बणगांव, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बणगांव, आंगनबाड़ी केंद्र बणगांव, राजकीय इंटर कॉलेज आदिबद्री तथा प्राथमिक विद्यालय आदिबद्री का निरीक्षण किया।
सुबह 7 बजे केदारुखाल विद्यालय पहुंचने पर प्रधानाचार्य संजय शाह एवं अन्य शिक्षकों ने विद्यालय की डायरी भेंट कर उनका स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी ने विद्यालयों के आवश्यक अभिलेखों की जांच की तथा शिक्षकों को समयबद्धता और नवाचारी शिक्षा पद्धति अपनाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर प्रदीप भंडारी ने शिक्षक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को मुख्य शिक्षा अधिकारी के समक्ष रखा। कनिष्ठ एवं वरिष्ठ वेतन विसंगति के मामलों पर चर्चा करते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने आश्वासन दिया कि समिति की संस्तुति प्राप्त होने के बाद प्रकरणों की तुलनात्मक जांच कर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से मुक्त करने की मांग भी उठाई गई। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान गौचर के वरिष्ठ प्रवक्ता बीरेंद्र सिंह कठैत भी उपस्थित रहे।
