चमोली: वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में 8वीं वाहिनी आईटीबीपी गौचर में ताजा फल एवं सब्जियों की पहली आपूर्ति सफलतापूर्वक कराई गई।
सेनानी 8वीं वाहिनी आईटीबीपी गौचर मनोहर सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि 01 अप्रैल को महानिरीक्षक उत्तरी फ्रंटियर मुख्यालय देहरादून मनु महाराज के निर्देशन में उत्तराखंड औद्योगिक विकास परिषद और आईटीबीपी के मध्य हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत 18 मई को यह पहली आपूर्ति संपन्न हुई।
उन्होंने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य सीमांत एवं ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय किसानों और उत्पादकों को स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। स्थानीय उत्पादों को सीधे बाजार और आईटीबीपी जैसे बड़े संस्थानों से जोड़ने से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा तथा उनकी आय में निरंतर वृद्धि की संभावना बढ़ेगी।
मनोहर सिंह रावत ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक सकारात्मक एवं सराहनीय कदम साबित होगा।
