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पंतनगर कृषि विवि में बीटेक छात्र ने की आत्महत्या, जानिए आत्महत्या की वजह?

 बीटेक छात्र की आत्महत्या, भाषा की दीवार बनी जिंदगी की आखिरी रुकावट.

रुद्रपुर: देश के प्रतिष्ठित पंतनगर गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में शुक्रवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब बीटेक प्रथम वर्ष के एक छात्र का शव हॉस्टल के कमरे में मिला। छात्र ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। कमरे से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उसने अंग्रेजी भाषा की समझ न होने और पढ़ाई में कठिनाई का जिक्र किया है।

हॉस्टल के कमरे में मिला शव

मृतक छात्र उधम सिंह नगर जिले के किच्छा तहसील के ग्राम दरऊ का निवासी था। हाल ही में 20 अगस्त को ही उसने विश्वविद्यालय ज्वाइन किया था और जनरल बिपिन रावत भवन के कमरा नंबर-75 में अपने दो साथियों के साथ रह रहा था। शुक्रवार सुबह छात्र ने साथियों से कहा कि “पढ़ने का मन नहीं कर रहा”, और वह कक्षा में नहीं गया। दोपहर डेढ़ बजे जब उसके रूममेट लंच के बाद वापस लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी खटखटाने और मोबाइल पर कॉल करने के बावजूद कोई जवाब नहीं आया। सुरक्षा कर्मियों और पुलिस की मदद से दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर छात्र का शव पंखे से लटकता मिला।

सुसाइड नोट में दर्दभरी दास्तां

कमरे से मिले सुसाइड नोट में छात्र ने अपनी परेशानी साफ शब्दों में लिखी। उसने बताया कि उसकी अब तक की पढ़ाई हिंदी माध्यम से हुई थी। लेकिन बीटेक में प्रवेश लेने के बाद अधिकांश क्लासेज अंग्रेजी भाषा में हो रही थीं। उसे विषय समझने में दिक्कत आ रही थी और वह खुद को बाकी छात्रों से पिछड़ा हुआ महसूस कर रहा था। इसी मानसिक दबाव और निराशा ने उसे यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

परिजन पहले ही कर चुके थे काउंसलिंग की कोशिश

सूत्रों के मुताबिक, छात्र पिछले कुछ दिनों से पढ़ाई छोड़कर घर लौट जाने की जिद कर रहा था। परिजनों ने दो दिन पहले ही विश्वविद्यालय आकर उसके एडवाइजर डॉ. अलकनंदा अशोक और विभागाध्यक्ष डॉ. ए.के. स्वामी से मुलाकात कर उसकी काउंसलिंग करवाई थी। लेकिन बावजूद इसके वह अवसाद से बाहर नहीं निकल सका।

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

घटना की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन मौके पर पहुंचा और तुरंत पंतनगर थाना पुलिस को सूचना दी। थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा, “छात्र के पास से बरामद सुसाइड नोट में उसने अंग्रेजी भाषा का कम ज्ञान होना लिखा है, जो उसकी परेशानी का मुख्य कारण रहा।”

घटना की खबर मिलते ही छात्र के परिजन भी विवि पहुंचे और रो-रोकर बेहाल हो गए। पूरे परिसर में गमगीन माहौल है। साथी छात्र भी सदमे में हैं कि एक छोटा-सा भाषा का अंतर किसी की जिंदगी छीन सकता है।

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