दवा दुकानों की खामियां उजागर, प्रशासन ने लगाई रोक
देहरादून: जिला प्रशासन ने औषधि दुकानों की कार्यप्रणाली पर सख्ती दिखाते हुए दो मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी की और गंभीर खामियां पाए जाने के बाद उनके दवा विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर की गई।
जिलाधिकारी को शिकायत मिली थी कि शहर के कांवली रोड पर स्थित शिवा मेडिकल और अमित मेडिकोज मानकों के अनुरूप संचालन नहीं कर रहे हैं। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने ड्रग इंस्पेक्टर के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर मौके पर छापेमारी कराई।
छापेमारी के दौरान शिवा मेडिकल में कई अनियमितताएं उजागर हुईं। दुकान पर स्थापित सीसीटीवी कैमरे चालू अवस्था में नहीं पाए गए। साथ ही, दवाओं को साफ-सफाई के अभाव में गंदगी के बीच भंडारित किया गया था। औषधियों के खरीद-बिक्री का रजिस्टर भी दुकान पर उपलब्ध नहीं मिला, जो लाइसेंस की बुनियादी शर्तों का उल्लंघन है।
वहीं अमित मेडिकोज पर भी गम्भीर लापरवाही पाई गई। यहां दवाओं का भंडारण और प्रदर्शन गंदगी के बीच किया जा रहा था। औषधियों के क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख भी सुव्यवस्थित नहीं मिले। यह स्थिति उपभोक्ताओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से अत्यंत चिंताजनक पाई गई।
जांच टीम ने दोनों स्टोर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक पाई गई सभी कमियों को दूर नहीं किया जाता और औषधि विक्रय लाइसेंस की शर्तों का पूर्ण पालन नहीं किया जाता, तब तक दवाओं की बिक्री पर रोक प्रभावी रहेगी।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि दवा दुकानों पर नियमों का अनुपालन अनिवार्य है, क्योंकि यह सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने चेतावनी दी कि मानकों का उल्लंघन करने वाली किसी भी दुकान को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन ने आम उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे औषधि खरीदते समय बिल अवश्य लें और किसी भी अनियमितता की सूचना तत्काल जिला प्रशासन या औषधि नियंत्रण विभाग को दें।
इस कार्रवाई से शहर के अन्य मेडिकल स्टोर संचालकों में भी सतर्कता का माहौल बन गया है। प्रशासन का कहना है कि आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्यवाही की जाएगी।
