देहरादून: श्री टपकेश्वर महादेव की भव्य नगर शोभायात्रा के दौरान बुधवार को द्रोणनगरी हर-हर महादेव और भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठी। शिवभक्ति में सराबोर श्रद्धालुओं ने नृत्य करते हुए यात्रा में हिस्सा लिया। उज्जैन से आए डमरू दल, शिव बरात, कलश यात्रा और विभिन्न झांकियों ने आयोजन को आकर्षण का केंद्र बनाया।
श्री टपकेश्वर महादेव सेवा दल की ओर से आयोजित शोभायात्रा का शुभारंभ शिवाजी धर्मशाला से हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कार्यक्रम में शामिल हुए और भगवान महादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन समाज में आस्था, एकता और आपसी सद्भाव को मजबूत करने के साथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं।
मंदिर के श्री 108 महंत कृष्णा गिरी महाराज, दिगंबर भरत गिरी और कैबिनेट मंत्री खजानदास ने भी पूजा-अर्चना की। सुबह करीब 9:30 बजे शोभायात्रा का पहला डोला रवाना हुआ। यात्रा सहारनपुर चौक, झंडा बाजार, रामलीला बाजार, पीपल मंडी, धामावाला बाजार, पलटन बाजार, घंटाघर, चकराता रोड, बिंदाल पुल, कैंट बोर्ड कार्यालय, डाकरा बाजार और गढ़ी कैंट से होते हुए टपकेश्वर महादेव मंदिर पहुंची।
शोभायात्रा में महादेव के चार स्वरूप—श्री दूधेश्वर, श्री टपकेश्वर, श्री तपेश्वर और श्री देवेश्वर—विशेष आकर्षण रहे। विभिन्न शहरों से आए बैंड दलों ने भक्ति गीतों और धार्मिक धुनों से माहौल भक्तिमय बनाए रखा। उज्जैन महाकाल की आरती में बजने वाला डमरू दल, छप्पन भोग के साथ खाटू श्याम, बगलामुखी माता, तिरुपति बालाजी, मेहंदीपुर बालाजी और भस्म आरती महाकाल की झांकियों ने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा।
यात्रा के दौरान शिव की सेना में कलाकारों ने विभिन्न करतब प्रस्तुत किए। आतिशबाजी, हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, भजनों के साथ देशभक्ति गीत और फूलों से सजी तिरंगे वाली ट्रालियों ने शोभायात्रा की भव्यता बढ़ा दी। शहर के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक संगठनों और व्यापारियों ने जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत किया।
