रुद्रपुर| साढ़े पांच साल पहले गदरपुर तहसीलदार के साथ हुई मारपीट के मामले में नामजद शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय शनिवार को जिला कोर्ट में पेश हुए. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 30 जनवरी की तिथि नियत की है.
25 अगस्त 2015 को गदरपुर में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय और उनके समर्थकों पर तहसीलदार शेर सिंह गयाल ने अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया था. तहसीलदार ने मामले में तत्कालीन विधायक और वर्तमान में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय समेत 15 लोगों के खिलाफ कोतवाली में केस दर्ज कराया था. इसके बाद यह मामला न्यायालय में पहुंचा था. बचाव पक्ष के अधिवक्ता जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिवाकर पांडे और अधिवक्ता चरनजीत सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से धारा 321 सीआरपीसी में जिला न्यायालय में वाद वापसी के लिए पत्र आया था. अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता एनएस धामी ने वाद वापसी का पत्र दाखिल किया था. जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र दत्त की अदालत में शनिवार को मामले की सुनवाई हुई. इस दौरान शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय और वादी पक्ष से तहसीलदार शेर सिंह भी मौजूद रहे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 30 जनवरी को रखी है.
